सुप्रीम कोर्ट ने अनिरुद्ध बहल और सुहासिनी राज के खिलाफ दिल्‍ली सरकार की याचिका खारिज की

: आपराधिक मामला शुरू करने के लिए मांगी गई थी अनुमति : सुप्रीम कोर्ट ने संसद में सवाल पूछने के लिए रुपये लेते 11 सांसदों को कैमरे में कैद करने वाले पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मामला शुरू करने की अनमुति संबंधी याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति रंजन प्रकाश देसाई की खंडपीठ ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने गत वर्ष 24 सितंबर को अपने आदेश में स्टिंग ऑपरेशन करने वाले कोबरा पोस्ट के पत्रकारों अनिरुद्ध बहल और सुहासिनी राज के खिलाफ आपराधिक मुकदमा शुरू करने की राज्य सरकार को इजाजत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि दोनों पत्रकारों ने भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया था, जो किसी भी तरीके से अनुचित नहीं था। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

राज्य सरकार की दलील थी कि पैसे देकर सवाल पूछने के लिए सांसदों को प्रेरित करके दोनों पत्रकारों ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की सभी दलीलों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को जायज ठहराया और राज्य सरकार की याचिका निरस्त कर दी। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2005 में दोनों पत्रकारों ने संसद में सवाल पूछने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के 11 सांसदों को पैसे लेते हुए कैमरे में कैद किया था, जिसके बाद राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया था। साभार : एजेंसी

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