हवाला में लिप्‍त भास्‍कर कर्मियों के लाखों रुपये डूबे!

जयपुर में इनदिनों दैनिक भास्‍कर के कई कर्मचारी काफी बौखलाए हुए हैं. कारण है इन लोगों का लाखों रुपये कमोडिटी, शेयर और हवाला में डूब जाना. चार-पांच दिनों पूर्व बैठक कर इस मामले को सुलझाने की भी कोशिश की गई परन्‍तु कोई बात नहीं बनी. नाराज लोगों ने पैसा लगाने वाले तथा उसके परिवार के कुछ सदस्‍यों को जमकर मारापीटा. मामला अभी पुलिस तक नहीं पहुंचा है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जयपुर शहर में अखबार के हॉकर गजानन शर्मा के बेटे सूजर शर्मा के मार्फत भास्‍कर के लगभग एक दर्जन कर्मचारियों समेत दर्जनों हॉकरों ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपए कमोडिटी, हवाला और शेयर मार्केट में लगाए थे. फायदा होने की बजाय इन लोगों का पूरा पैसा डूब गया. ये लोग पैसा वापस पाने के लिए हॉकर गजानन तथा उनके लड़के सूरज पर दबाव बनाने लगे. पर उसने टालमटोल करना शुरू कर दिया.

सूत्रों ने बताया कि इसी मामले को लेकर बीते 25 अप्रैल को भास्‍कर के कर्मचारियों समेत जिन लोगों का पैसा इस कारोबार में लगा था, सभी ने एक मीटिंग गुलाब बाग सेंटर लिंक रोड पर रखी थी. इसमें भास्‍कर के कुछ वरिष्‍ठ लोग भी मौजूद थे. इन लोगों ने गजानन शर्मा से अपने लगाए रुपये वापस मांग तो गजानन ने जवाब दिया कि जब इन लोगों ने रुपये लगाए थे या उनके पुत्र को दिए थे तो उनसे पूछा था, इस पर नाराज लोगों ने गजानन और उनके छोटे बेटे की जमकर धुनाई कर दी.

सूत्रों ने बताया कि अब गजानन ने पत्रिका में विधिवत विज्ञापन देकर अपने पुत्र से संबंध विच्‍छेद की घोषण कर डाली है. यानी अब उनसे उनके पुत्र का कोई मतलब नहीं रहा. हालांकि सूत्रों ने बताया कि इन धंधे में जो भी पैसा सूरज को मिला वो गजानंद की गुडविल और क्रेडिबिलिटी के चलते ही मिला. अब पैसा डूबने से भास्‍कर कर्मी परेशान हैं. मामला सीधा-साधा न होने के चलते वे पुलिस के पास भी नहीं गए हैं. शिकायत दर्ज कराने पर खुद की गर्दन भी फंसने की संभावना है.

सूत्र ने बताया कि भास्‍कर के कई कर्मचारी लॉटरी के धंधे से भी जुड़े हुए हैं. इन लोगों के पैसे लॉटरी के व्‍यवसाय में लगा हुआ है, जिसका संचालन ब्‍याज पर पैसा देने वाला एक व्‍यक्ति करता है. लिंक रोड पर अवैध लॉटरियों के धंधे में भी कई भास्‍करकर्मी और हॉकर संलिप्‍त बताए जाते हैं. खबर है कि इसी व्‍यवसाय से हुए लाभ के पैसे को कमोडिटी और हवाला में झोका गया था. अब इस मामले में पूरी सच्‍चाई क्‍या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. पर पैसे डूबने से भास्‍कर कर्मी और हॉकर परेशान हैं.

इस संदर्भ में जब पूरे मामले की जानकारी के लिए गजानन शर्मा से बात की तो उन्‍होंने व्‍यस्‍तता का बहाना बनाकर पहले बाद में फोन करने को कहा. जब उनके पास दुबारा फोन किया गया तो उन्‍होंने कॉल ही रिसीव नहीं किया. बताया जा रहा है कि इस मामले की अगर गहराई से जांच की जाए तो एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि इसमें सिर्फ भास्‍कर से जुड़े लोग ही नहीं कई अन्‍य अखबारों के लोग भी शामिल हैं.

इस बारे में जो कोई कुछ कहना चाहता हो या जिसको इस मामले की और अधिक जानकारी हो वो अपनी बात नीचे कमेंट बॉक्‍स लिख सकता है या bhadas4media@gmail.com पर मेल कर सकता है.

Comments on “हवाला में लिप्‍त भास्‍कर कर्मियों के लाखों रुपये डूबे!

  • Yogendra Soni says:

    जयपुर दैनिक भास्कर कर्मचारियों के पास बहूत पैसा हैं ये कर्मचारी सब SMD विभाग के हे मालिको को तो कुछ मालूम हैं नहीं ये कर्मचारी vendors को भी कर्ज पैर पैसा देते हैं क्योंकी जयपुर में समचार पत्र का पैसा रोजाना देना पड़ता हैं तो जिस के पास पैसा नहीं होता उसे ये ब्याज पर पैसा देते हैं और फर्जी पैसा कम्पनी से लेकर ये मॉल बना रहे हैं वर्ना ६०००/- से १५०००/ मासिक पगार वाले कर्मचारी इतना पैसा ला कहाँ से रहे हैं इनकी तो बिलकुल जाँच होनी चहिये
    कर्प्या श्री सुधीर सर , श्री गिरीश सर ,श्री पवन सर इनकी जाँच करे इन लोगो ने बहूत पैसा भास्कर से बनाया हैं ये बहूत पुराने SMD कर्मचारी हैं और बड़े पॉवर फुल लोग हैं

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  • Sudhir K Dhamija says:

    I am 100% agreed with Mr. Yogender Soni and others that the SMD people (not only of Jaipur office) of Dainik Bhaskar are earning thousands of rupees per month by unfair means. If somebody, i mean an honest person joins SMD, cant survive for long time even the respectable directors of Dainik Bhaskar are not ready to hear the grievances and truthfulness of the honest workers. I know all these things because i am also a sufferer. When i tried to describe the truth and that is with proof to Mr. Pawan, he said pls. meet XYZ, I can do nothing and my dear friends you all will be surprise to know that the person, whom i exposed, is still working in the Dainik Bhaskar with salary hike and promotions, I was forced to resign and the person who was behind my resigantion, himself a big big fraud. He earned crores of rupees from HT, IE and mail today etc. and was sacked from there. Dainik Bhaskar needs such type of persons and not the honest ones.

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