हिंदुस्‍तान के सीनियरों की नौकरी खतरे में!

हिंदुस्‍तान में सीनियर पत्रकारों की नौकरी खतरे में है. उनकी छंटनी की तैयारी शुरू हो चुकी है. गुडगांव में हुई हिन्‍दुस्‍तान की संपादकीय मीटिंग में इसके निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं कि वरिष्‍ठ संपादक बताएं के सीनियर स्‍तर पर स्‍टाफ की संख्‍या को कैसे कम किया जा सकता है. यानी सीनियरों की छंटनी कैसे की जा सकती है. सीनियरों की जगह कॉपी एडिटरों की संख्‍या बढ़ाने का फरमान भी दे दिया गया है. मतलब बड़ी सेलरी वालों की बोरिया बिस्‍तर बांधने की तैयारी शुरू होने वाली है.

कई एडिशनों को बंद करने या किसी दूसरे एडिशनों में समायोजित करने की कोशिश भी शुरू हो गई है. कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में हिंदुस्‍तान में हलचल देखने को मिल सकता है. आप भी देखिए वो पूरा पत्र जो गुड़गांव संपादकीय मीटिंग में लिए गए निर्णयों के बाद जारी की गई.


कंटेंट :

1. इनोवेशन बोर्ड : हम हर हाल में इसका गठन एक सप्ताह में कर लेंगे। इसमें स्थानीय संपादक की अगुवाई में 4-5 सहयोगी होंगे जो इनोवेटिव आईडियाज़ पर काम करेंगे। हमारी कोशिश होगी कि हम इन मौलिक विचारों का समूचे ग्रुप में अनुपालन सुनिश्चित कर सकें।

2. रिसर्च टीम और टेलेंट पूल : हर संस्करण को अपनी एक रिसर्च टीम बनानी है। यह टीम इतनी सक्षम होगी कि आवश्यकतानुसार अन्य संस्करणों के लिए भी सामग्री तैयार कर सके। संस्करण की ओर से टेलेंट पूल के दो सदस्यों के नाम स्थानीय संपादकों द्वारा भेजे जाने हैं।

3. फालोअप : हर संस्करण यह सुनिश्चित करेगा कि उसके यहां सभी रिपोर्टर्स ने अपने फालोअप्स के रिकॉर्ड तैयार कर रखे हैं। रिपोर्टर्स को आगामी माह का एक कैलेंडर भी तैयार करना होगा।

4. सिटीजन जर्नलिज्म : बरेली, आगरा, देहरादून और मेरठ में सिटीजन जर्नलिज्म के जो बेहतर प्रयोग थे उसे और बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। ये संस्करण एक सप्ताह के भीतर प्रोजेक्ट बनाकर भेजेंगे कि कैसे उन्होंने इसका कार्यान्वयन किया ताकि उसे सभी संस्करणों में लागू किया जाए। आप खुद भी वहां के स्थानीय संपादकों से विमर्श कर सकते हैं।

स्टाइल शीट :

1. सभी संस्करण स्टाइल शीट के पूर्ण अनुपालन के लिए प्रतिबद्घ होंगे। इसकी एक अनुपालन रिपोर्ट साप्ताहिक तौर पर मुझे भेजी जाएगी।

2. सुश्री अनीता सिंह अलग से एक साप्ताहिक रिपोर्ट अपनी तरफ से मुझे भेजेंगी।

सीएमएस :

1. अगले दो माह के भीतर सभी केन्द्रों में सीएमएस का पूर्ण कार्यान्वयन किया जाना है। प्रगति रिपोर्ट पाक्षिक तौर पर मुझे भेजें।

2. इस समय आ रही सीएमएस संबंधी दिक्क्तों की मेल एक सप्ताह के भीतर सुधांशु जी को प्रेषित की जाएगी।

3. सुधांशु जी और श्री रोहित धवन प्रति सप्ताह मेरे साथ सीएमएस पर एक मीटिंग करेंगे।

सप्लीमेंट : सभी परिशिष्ट दिल्ली में बनाये जाने हैं। दिल्ली से भेजे गये सप्लीमेंट को डमी के हिसाब से न तोड़ा जाए। इस बारे में एड ऑपरेशन और बिजनेस हेड्स से बात करके एक रिपोर्ट सात दिन में मुझे भेजें।

छोटे संस्करणों के लिए : यूनिट हेड्स और सेल्स टीम के साथ मीटिंग करके यह तय करें कि पांच हजार प्रतियों से छोटे संस्करण क्या किसी बड़े संस्करण में समाहित किये जा सकते हैं या बंद किये जा सकते हैं? इस संबंध में कृपया एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रेषित करें।

कार्य जिनमें नियमितता जरूरी है :

1. सेल्स और संपादकीय के बीच नियमित संवाद बनाएं।

2. अपेक्षित रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।

3. सभी संस्करणों को कल तक एक मॉडल-पत्र भेजा जाएगा जिसे आपके क्षेत्र के संबंधित स्कूलों, संस्थानों, उपासना-गृहों, क्लबों आदि को भेजा जाना है। यह पत्र पाठकों और गणमान्य लोगों में यह भाव जगाएगा कि हिन्दुस्तान उनके साथ खड़ा है। इन संस्थाओं को यह पत्र एक सप्ताह के भीतर भेज कर सूचित करें।

4. एक सप्ताह के भीतर वरिष्ठ स्थानीय संपादकों को एक रिपोर्ट देनी है कि वे अपने संस्करणों में शीर्ष-स्तर पर स्टाफ की संख्या को कैसे कम कर सकते हैं। उनकी जगह कापी-एडिटरो की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

नोट :  मुझे भेजी जाने वाली सभी रिपोर्ट्स को कृपया श्री बलराम दुबे को अवश्य प्रेषित करें।

(शशि शेखर)

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित. इस बारे में जिस किसी को अपनी बात कहनी हो नीचे कमेंट बॉक्‍स में कह सकता है.

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Comments on “हिंदुस्‍तान के सीनियरों की नौकरी खतरे में!

  • बेनामी says:

    हिंदुस्तान के एक सीनियर को तो हम जानते हैं जिनको कल के लड़कों ने खड़े-खड़े निकाल दिया। पीछे भले ही किसी का हाथ रहा हो, पर 38 साल से दैनिक हिंदुस्तान में नौकरी कर रहे विपिन बहुगुणा को दफ्तर पहुंचते ही घर लौटने का आदेश थमा दिया गया था। बात ढाई महीने पुरानी है। बेचारे बहुगुणा जी उम्र के दोराहे पर बेरोजगार हैं।
    भगवान उन लोगों के साथ कभी ऐसा ना हो जैसा कि उन्होने बहुगुणा जी के साथ किया या करवाया।

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  • बेनामी says:

    जिस शैली और भाषा में ये पत्र है, अगर उसी भाषा में हिंदुस्तान निकलेगा तो फिर तो उसे गुरुकुल के छात्र ही आसानी से समझ सकेंगे।

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  • bhai wah !!! mann liya yaswant ji aapko aur navwwn joshi ji ke saath aapki pakki dosti ko. teen din pahle aapne hindustan ke sampadkon ki aadla-badli ki khabar kuch ghantey pahle leek kar unka lucknow ka taaj bachaya tha. aaj param aadarniya joshi ji ney aapko gurgawn mwwting ki chuninda bindu bata kar aapkey bhadas ko aur bhi lokpriya bana diya. sath hi seniour hindustaniyo ko naukari bachaney ke liye sampadko ki charan bandana karney ka isaara bhi kar diya. charan bandana chori-chori bhi kar saktey hain aur khuleyaam boss ka brifcase udha kar naukari aur city pakki kar saktey hain

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  • puja tiwari says:

    aagar yeh baat sach hai to sashishekar ko hata kar navin joshi ko pradhan sampadk bana dena chahiye. amit chopra ji bhi yahi chahtey hongey ki unka chela hi pradhan sampadak baney

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  • anami sharan babal says:

    हिन्दुस्तान में केवल एक ही सीनियर की नौकरी सुरक्षित है, क्योंकि उनकी नौकरी मैड़म एसबी के हाथों में है। बाकी सब की नौकरी तो केवल एक ही (god f) के हाथ में है लिहाजा सब खतरे में है। medam sb ne is bar ht me ek hanuman ko gaddi par jagah de di h & kaun nahi janat hai jag me sankat machak nam toharo hanuman ji sab ko ullu jankar bari 2 se bahar fekna start kar diya h kyoki ek jangal me ek hi hanumann rah sakta h baki faltu old bekar ki safaie kar rahe h thanx god ki apan mulayam babu gaddi me nahi h warna sabko safaie ke nam par saifaie me bejte
    khair ht goot ke sr bekar bhaieyo ss sir ka safaie abhiyan jari h jisme h dam inse bach kar dikhana to jane don ke bad ss ki najar se bachna muskil hi nahi namumkin h kyo ss sir i m ryttt?

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