हे महान महान महिलाओं, कुछ करो, कुछ बोलो

उमाशंकर उपाध्याय
उमाशंकर उपाध्याय
: हमें न्याय चाहिये…….! : किसी की ख़ातिर अल्‍ला होगा, किसी की ख़ातिर राम, लेकिन अपनी ख़ातिर तो है माँ के आँचल में ही चारों धाम….. पवित्र देवभूमि भारत….., जहां राम कृष्ण और गौतम बुद्ध जैसे महापुरूष पैदा हुए…. जिस देश में आदि काल से माँ की पूजा की जाती हो…..उसी देश में एक माँ को सरेआम प्रताणित करती उत्तर प्रदेश की पुलिस क्या बताना चाहती है…..?

मा. सर्वोच्च न्यायालय एवं मा. उच्च न्यायालय के बार बार फटकार लगाने के बाद भी उ. प्र. पुलिस का ये रवैया समाज को क्या क्या बताना चाहती है….? माँ मेरी हो, आप की हो या उस पुलिस वाले की……. माँ तो माँ होती है……. फिर भी एक माँ के साथ बदसलूकी…..? शर्म आनी चाहिये उस गूंगी बहरी भ्रष्ट उ. प्र. की मायावती सरकार को, जिसके नेतृत्व में अत्याचार पर अत्याचार हो रहा है।

अपने  देश का सौभाग्य कहें या दुर्भाग्य…….! जहां शीर्ष पदों पर महिलाएं विद्यमान हैं मा. राष्ट्रपति महोदया (श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल), मा. सलाहकार समिति की अध्यक्षा (श्रीमती सोनिया गांधी), मा. लोक सभाध्यक्षा (श्रीमती मीरा कुमार) या फिर खुद उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री. मायावती…., फिर भी एक निर्दोष महिला को लगातार 12 घण्टे बिना वजह थाने में बैठाया गया हो, इसे क्या कहें…. सत्ता का दुरुपयोग….या एक नारी की दुर्बलता…..?

मैं पूछना चाहता हूँ……मा. राष्ट्रपति महोदया…. मा. सलाहकार समिति की अध्यक्षा…. मा. लोक सभाध्यक्षा और इस देश की जनता से…… क्या इस तरह की घटनाएं प्रदेश में होती रहेंगी, और आप केंद्र में बैठे तमाशबीन बन देखती रहेंगी। हे महान महान महिलाएं, कुछ तो बोलो….

आज यशवन्त भाई के परिजनों  के साथ हुआ कल मेरे और आप के साथ होगा..। क्या हम इसी तरह मूक बधिर बने रहेंगे…..आखिर क्यों…..?

उमाशंकर उपाध्याय

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Comments on “हे महान महान महिलाओं, कुछ करो, कुछ बोलो

  • pramod kumar poddar says:

    क्या बात कही आपने जहां सत्ता की बागडोर ही महिला के हांथ मे हो और उसी देश मे मां बहनो के साथ ऐसा व्यवहार हो तो इससे शर्म कि बात और कुछ भी नही हो सकती u.p. पुलिश को तो शर्म से जमीन के अंदर गड़ जाना चाहिए। क्या इनकि परिवार के साथ ऐसा तो ये कैसे बर्दाश्त करेंगे और इन्होने ये कैसे समझ लिया कि हम कैसे इन्हे छोड़ देंगे।

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  • prayag pande niani tal says:

    sre umashankar ji ABHIVYAKTI ke khatare utane hi honge ab.es mamale main sadakon main utarne ki jarurat hai. eske bina kam nahi chalega.

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  • अम्बुजेश कुमार शुक्ल says:

    यह भारत का दुर्भाग्य है कि विश्व फलक पर नारी सशक्ति करण का दंभ भरने वाले देश में यह सब कुछ हो रहा है..कहने को सर्वोच्च सत्ता से लेकर भारत के एक सबसे बड़े राज्य की मुखिया तक महिला हैं लेकिन महिला के मूल अधिकार तक को दरकिनार करते हुए यह कृत्य शर्मनाक है…यह पीड़ा सिर्फ यशवन्त भाई की नहीं बल्कि पूरे पत्रकार समाज की है जिसके लिए सबको जागरुक होना ही होगा….उमाशंकर जी आपकी लेखनी की यह तीव्र धार शायद बहरी हो चुकी व्यवस्था की चूले हिलाने में एक जोरदार धक्के का काम करेगी यशवन्त भाई की मुहिम में एक और सहयोग के लिए साधुवाद

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  • yah na to सत्ता का दुरुपयोगhai, aur na एक नारी की दुर्बलता. yah pulice walon ki kuntha hai. pulice apradhiyon k bhay se kanpati rahti hai aur uski kuntha aam aadmi par nikalti hai.
    Sudhir
    sub editor, Prabhat Khabar

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  • शशिकान्त, गाजीपुर, उ0 प्र0 says:

    भाई उमाशंकर जी…… इस गूंगी बहरी भ्रष्ट उ. प्र. की मायावती सरकार को उखाड़ के फेंक देनी चाहिए…. हम पत्रकार भाइयों को उ. प्र. की भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ सडक से संसद तक उतरना चाहिये….यशवन्त भाई के इस आगाज़ को…. हम पत्रकार भाइयों द्वारा अन्जाम देना अब आवश्यक हो गया है….आप को साधुवाद

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