Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

पॉवर-पुलिस

अमिताभ एवं नूतन ने एडीजी से की अभद्र जीआरपी वालों की शिकायत

कल रात दिनांक 10/08/2011 को नौचंदी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14511) के सेकंड स्लीपर एस7 कोच में मैं और मेरे पति श्री अमिताभ, वर्तमान में एसपी, ईओडब्ल्यू, मेरठ के पद पर तैनात हैं, पीएनआर संख्या 2323939475 सीट संख्या 31, 32 पर लखनऊ से मेरठ यात्रा कर रहे थे. यहाँ हम लोगों के साथ एक अजीब और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ. हमारे गाड़ी में बैठने के कुछ समय बाद जीआरपी के दो सिपाही आये और हम सभी लोगों से बहुत ही गंदे और अभद्र ढंग से कहने लगे कि हम अपने सामान आदि को चेन से बाँध लें.

कल रात दिनांक 10/08/2011 को नौचंदी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14511) के सेकंड स्लीपर एस7 कोच में मैं और मेरे पति श्री अमिताभ, वर्तमान में एसपी, ईओडब्ल्यू, मेरठ के पद पर तैनात हैं, पीएनआर संख्या 2323939475 सीट संख्या 31, 32 पर लखनऊ से मेरठ यात्रा कर रहे थे. यहाँ हम लोगों के साथ एक अजीब और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ. हमारे गाड़ी में बैठने के कुछ समय बाद जीआरपी के दो सिपाही आये और हम सभी लोगों से बहुत ही गंदे और अभद्र ढंग से कहने लगे कि हम अपने सामान आदि को चेन से बाँध लें.

यद्यपि वे बाह्य तौर पर हमारे भले की ही बात कह रहे थे पर यह बात वे इतने खराब ढंग से कह रहे थे कि हर किसी को बुरा लग रहा था. हम लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की. उन्हें स्वाभाविक रूप से यह जानकारी नहीं थी कि सेकण्ड स्लीपर कोच में कोई आईपीएस अधिकारी भी उपस्थित है.

पुनः रात में करीब तीन बजे जीआरपी के एक सब इन्स्पेक्टर आये और उन्होंने मुझे तथा अन्य सभी लोगों को जगा दिया. उन्होंने मुझे अपना सामान चेन से बाँधने को कहा पर वे जिस तरह से बात कर रहे थे और जैसी बातें बोल रहे थे वे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण थी. मैं उन्हें कह रही थी मेरे पास चेन नहीं है पर वे बार-बार मुझे गैर-जिम्मेदार कह रहे थे और कह रहे थे इन्हीं लोगों के सामान चोरी हो जाया करते हैं. वे ऐसा ही दूसरे पैसेंजर से भी कर रहे थे.

वे जीआरपी वाले इतनी बार और ऐसे ढंग से सावधान रहने की बात कर रहे थे कि मुझे शक सा हो गया कि कहीं वे किसी गैंग से मिल कर सामानों की चोरी तो नहीं करा रहे हैं और यहाँ हम लोगों को झूठ-मूठ हड़का रहे हैं ताकि सामान चोरी होने पर हमी से उलटे कहें कि हमने आपसे पहले ही कहा था. मैं इस मारे रात भर नहीं सो सकी.

सुबह मेरठ पहुँच कर जब हमने जीआरपी थाने पर बात की तो थाना इंचार्ज और दूसरे लोगों ने बताया कि एडीजी एके जैन और एसपी जीआरपी मुरादाबाद के आदेश से यह हो रहा है. मैंने एडीजी एके जैन से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है. मैंने अब एडीजी जीआरपी को इस सम्बन्ध में एक लिखित शिकायत भेजी है. इसमें मेरा मुख्य उद्देश्य यह है कि भविष्य में इस तरह के दुर्व्यवहार नहीं होवें.

डा. नूतन ठाकुर

पत्रकार एवं समाज सेवी

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. rajeev azad

    August 11, 2011 at 1:15 pm

    vardi ki garmi hai…kya kaha jaye…

  2. divesh

    August 11, 2011 at 4:58 pm

    यशवंत भाई अब नूतन जी की रसोई में क्या पकता है ये भी छापा कीजिए…और अमिताभ की टट्टी के कलर पर भी प्रकाश डाला करें। बड़ा अच्छा लगता है पढ़कर एक आईपीएस के पत्नी की कहानी…। साधुवाद…आपकी वेबसाइट फूले फले।

  3. shaieldnra

    August 11, 2011 at 5:22 pm

    ye saare case AMITABH or Nootan Thakur ke saath hi kyon hota hai. darasal is lekh se Nootan ye dikhana chahti hain ki unke pati kitne mahan hain ek IPS hone ke bavjood bhi second sleeper main safar karte hain. wah Nootan ji. Zaruri hai kuch na kuch likhna to likhie yahi sahi…

  4. Mahabir Seth

    August 11, 2011 at 6:52 pm

    Nutan g, maine general coach se lekar ac coach me safar kiya hai. AC coach ko chhod de to yeh jalalat har coach me baithe yatrion ko uthana padta hai. Lucknow se Jalandhar city tak ka safar kai baar kiya hai. Noukri hi aaisi hai, kahi Punjab to kahi Lucknow. Lekin Khaki wardi ke bolne ka andaaj kisi GALI se kam nahi hoti….yatri bhi majboor hote hain. Aap 2nd sleeper ki baat karte hain, kabhi mouka lage to General coach me baithna, asliyat aap tab dekhengi….

  5. कुमार सौवीर, लखनऊ

    August 12, 2011 at 10:32 am

    आरी को आरी मिली, हो गयी गरदन कट्ट।
    हालांकि, अमिताभ जी को पुलिसिया करतूतों के बारे में तो बहुत पहले से ही पता होगा। जाहिर है कि भावनात्‍मक तौर पर मजबूत नूतन जी भी ऐसी हरकतों से कई बार साक्षात्‍कार कर चुकी होंगी।
    लेकिन यहां की पुलिस के कुंए में तो भांग पड़ी है।
    एक नजीर दूं। यह जो बड़बोला एडीजी है ना, एके जैन। हर फन मौला है। मायावती के तलवे चाट कर पहले तो घरवाली को अल्‍पसंख्‍यक आयोग का सदस्‍य बनवा दिया और फिर मुख्‍यमंत्री की सुरक्षा का प्रभारी बन गया।
    लेकिन, यूपी में तो इनके जैसे घाघों की बाकायदा बाढ़ है ना, इसीलिए एक दिन ये बह कर रेलवे स्‍टेशन पर पहुंच गये। आजकल, सिस्‍टम सुधारने के बजाय, सिपाहियों के साथ चारबाग का निरीक्षण करते हैं। और कोई काम ही नहीं है, सो खाली बक्‍सा भी मिल जाए तो उस पर प्रेस कांफ्रेंस खुद ही कर बैठते हैं। दूसरे एसपीज का जीना हराम कर रखा है। अरे भैया जब हर बात पर खुद ही पीसी करोगे तो बेचारे युवा एसपी क्‍या गोबर साफ करते फिरेंगे। मुझे तो जो भी पुलिसवाला मिला, जैन को गरियाता ही मिला।
    एक सुर से सभी यही कहते हैं कि यह दिन भर सिर्फ बकचोदी ही करता है।
    एक बार अपने साथ हुई अभद्रता की शिकायत करने मैं इसके पास गया था, जब यह लखनऊ का आईजी था।
    आधे घंटे तक को बेहद व्‍यस्‍त होने का प्रदर्शन करते हुए खुद ही फाइलें और पेपरवेट इधर-उधर करता रहा। बाद में बात सुनी और बोला, नहीं वह अफसर तो ऐसा नहीं है।
    आपने शिकायत की है ना। खुद ही देख लीजिएगा कि होगा कुछ नहीं, सिवाय इसके कि उस इंस्‍पेक्‍टर की जेब खाली हो जाएगी और वह फिर नयी खुन्‍नस के साथ यात्रियों से वसूली में जुट जाएगा।
    चाहो तो स्‍टांप पेपर पर लिख कर दे दूं।
    कुमार सौवीर, लखनऊ

  6. manish dubey

    August 13, 2011 at 9:03 am

    बुध्ह्जिवियों की भीड़ में मेरा चुप रहना ही गवारा प्रतीत होता है !
    कुमार मनीष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...