देहरादून के पत्रकारों ने शुक्रवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात की तथा दो सूत्री मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा। पत्रकारों ने मांग की कि दिवंगत पत्रकार अमित चौहान के परिजनों को आर्थिक सहायता राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाए। गौरतलब है कि 22 जनवरी को सीएम के एक कार्यक्रम के कवरेज के दौरान पत्रकार अमित चौहान की मौत हो गई थी।
अमित की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने 2 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी, मगर पांच माह बाद भी घोषणा पूरी नही हुई। इसकी जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को बुलाया और खूब फटकार लगाई, साथ ही जल्द से जल्द पत्रकार अमित के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

दूसरी मांग पत्रकारों के लिये एक सुरक्षा नीति बनाने की थी, जिसके बाबत मुख्यमंत्री ने जल्द ही एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया, जो दूसरे राज्यों की पत्रकार नीति का अध्ययन कर उत्तराखण्ड में पत्रकारों के लिये जल्द ही व्यापक सुरक्षा नीति बनाएगी। इस मौके पर इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के अनेक प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी बात भी रखी। ज्ञापन देने वालों में अनिल सिंह राणा, मनोज रावत, रॉबिन सिंह चौहान, दिव्या तिवारी, अजीत, कमल, भावना, सबीहा, रतन नेगी, महिपाल सिंह कुंवर, नजर अली, चन्दन झा, अनिल मित्तल आदि शामिल थे।
सेवा में,
डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
महोदय,
22 जनवरी को दून के बद्रीपुर में अटल माह के समापन हेतु एक शिविर का आयोजन किया गया था, जहां कवरेज के दौरान एटूजेड चैनल के युवा कैमरामैन अमित चैहान ने हार्ट-अटैक के चलते दम तोड़ दिया था, इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को 2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। किन्तु आज घोषणा को पूरे पांच महीने बीत चुके है, मगर मृतक के परिजनों को अभी तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली।
हाल ही मुम्बई में मिड-डे के पत्रकार जेडे की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी, नोएडा में नरेंद्र भाटी की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। दून में भी कई बार पत्रकारों पर हमले हुए है और हाल ही में रुड़की में प्रधान ने एक पत्रकार के पीट-पीटकर अधमरा कर दिया, जो कि लोकतंत्र के चौथें स्तंभ पर हमला है, पत्रकार होने के नाते आप इन घटनाओं को भली भांति समझते होंगे।
अतः महोदय आज पत्रकारों का दल इस ज्ञापन के माध्यम से दो मांगें रख रहा है, कृपया इसपर गंभीरता से कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री के पूर्ववर्ती घोषणा के अनुसार-
1- मृतक पत्रकार के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए।
2- पत्रकारों की सुरक्षा हेतु एक सुरक्षा नीति तैयार की जाए।
धन्यवाद
दिनांक- 25 जून 2011
भवदीय
अनिल सिंह राणा, मनोज रावत, रॉबिन सिंह चौहान, दिव्या तिवारी, अजीत कमल, भावना सबीहा, रतन नेगी, महिपाल सिंह कुंवर, नजर अली, चन्दन झा, अनिल मित्तल एवं समस्त मीडियाकर्मी।












anilmittal
June 26, 2011 at 7:49 am
hum honge kaam yab ek din ,,, or hume hona hi hoga yadi uttrakhand ke patrkaoo ko samaan chahiye hai toooooooooo
nazar
June 26, 2011 at 1:54 pm
bahut khub jarur cm sahab ne turant karvahi suru ki ye achha laga..