यूपी की सीएम मायावती जब किसी जिले में निरीक्षण-परीक्षण करने जाती हैं तो अधिकारियों के हलक सूखे रहते हैं, जिस जगह पर उनका निरीक्षण कार्यक्रम होता है उन जगहों को रंग पोतपात के चमका-दमका दिया जाता है. ऐसा ही हाल हिंदुस्तान, कानपुर यूनिट का है. हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड के सीईओ अमित चोपड़ा तथा हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर कानपुर यूनिट से जुड़े जिलों के दौरे पर हैं और यहां के वरिष्ठों के गले सूखे हुए हैं.
पिछले काफी समय से गर्त में जा रहे इस यूनिट और इसके जिलों का हालचाल लेने के लिए दिल्ली के दोनों अधिकारी निकले हुए हैं. मायावती के दौरों के समान कानपुर के अधिकारियों को पहले से ही पता था कि अमित चोपड़ा और शशि शेखर के दौरों की शुरुआत कहां से होगी. लिहाजा हिंदुस्तान, इटावा के कार्यालय को कांशीराम आवासों की तर्ज पर कल से ही चमकाया जा रहा था. देर रात तक कार्यालय से धूल-गंदगी रगड़-रगड़ कर साफ किया जाता रहा. कार्यालय के सामने नया होर्डिंग लटकाया गया. कार्यालय का डस्टबीन और पैर पोछने वाला कपड़ा तक बदला गया ताकि कहीं कोई गड़बड़ी नजर ना आए. अन्य साजोसामान कानपुर से एचआर हेड संजीव सिंह और अपकंट्री सेल्स हेड ज्ञान प्रकाश गौड़ खुद लेकर पहुंचे.
सुबह-सबेरे कानपुर के जीएम नरेश पांडेय तथा स्थानीय संपादक विशेश्वर कुमार भी इटावा पहुंच गए तथा कार्यालय की तैयारियों को अंतिम रूप दिया. इस बीच दिल्ली से आने वाली शताब्दी से अमित चोपड़ा और शशि शेखर इटावा कार्यालय पहुंचे तथा समीक्षा शुरू कर दी. खबर देने तक समीक्षा चल रही है. इसके बाद ये दोनों अधिकारी बाइ रोड औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद पहुंचेंगे. इन कार्यालयों को भी कांशीराम आवास की तर्ज पर सजा संवार दिया गया है. खासकर कन्नौज को लेकर कानपुर के स्थानीय अधिकारी घबराहट में हैं. ब्यूरोचीफ बृजेश श्रीवास्तव एवं असिस्टेंट सेल्स मैनेजर राजेंद्र अवस्थी के बीच हुए विवाद के बाद यहां के कार्यालय में कर्फ्यू सा माहौल है. सेल्स एवं संपादकीय की टीम आमने-सामने हैं तथा इनके बीच तलवारें खींची हुई हैं.
गौरतलब है कि इस विवाद के बाद ब्यूरोचीफ बृजेश श्रीवास्तव को कानपुर अटैच कर दिया गया था. अब यहां की जिम्मेदारी घुमंतू ब्यूरोचीफ बन चुके नासिर जैदी संभाल रहे हैं. गौरतलब है कि कानपुर यूनिट के जिन कार्यालयों में बवाल या परेशानी होती है नासिर को वहां भेज दिया जाता है. नासिर कन्नौज से पहले उन्नाव, इटावा, फतेहपुर में अपनी सेवाएं देते रहे हैं. अमित चोपड़ा और शशि शेखर के दौरों को लेकर कन्नौज के साथ फर्रुखाबाद जिले में भी हड़कम्प है. इधर, कानपुर यूनिट के अनवरगंज कार्यालय में भी सब कुछ चाक चौबंद कर दिया गया है. कानपुर कार्यालय की कमान समाचार संपादक अंशुमान तिवारी संभाले हुए हैं. दादानगर स्थित प्रिंटिंग प्रेस क्षेत्र को भी साफ सुथरा कर दिया गया है. संपादक नवीन जोशी भी चार दिन से कानपुर में कैम्प किए गए हैं. दूसरे बड़े अखबार भी दिल्ली के दोनों हाकिमों के दौरों पर अपनी नजर बनाएं हुए हैं. चर्चा ये हो रही है कि इन दोनों आला हाकिमों के दौरा कोई गुल खिलाएगा या फिर सरकारी दौरों की तरह बस सब कुछ फील गुड ही दिखेगा.












vikas shukla
October 17, 2011 at 4:39 pm
nasir jaidi ke paas koi kam nahi hai. bechara kya kare. ab naveen use nikal to sakta nahi hai.
sughar singh
October 26, 2011 at 3:21 am
hindustan etawah ki santosh pathak ne mitti palid kar di h
rajesh dixit
November 6, 2011 at 6:41 pm
sughar singh aur subhash tripathi ko jab se ht se lat padhi hai tabhi se dono pagal ho gaye hain isiliye ulti sidhi shikaytein aur comment karte hain bhagvan in dono bhudhi de
rajesh dixit
November 6, 2011 at 6:51 pm
sughar singh aur subhash pagal ho gaye gai hain
rajesh dixit
November 6, 2011 at 6:53 pm
sughar aur subhash tripathi pagal ho gaye hain
rajesh dixit
November 6, 2011 at 6:54 pm
sughar aur subhash tripathi pagal ho gaye hain
pankaj sharma
November 15, 2011 at 11:33 pm
sir tundla office kab aa rahe ho yaha par sab golmal chal raha hai
hindustan ka yaha ek nahi 5 se jada reporter hai…………………
mai aap ka intzar karunga …………..aisli kaun?????????????????
rajiv kumar
November 17, 2011 at 9:16 pm
Shashi shekhar aur amit chopra ne akhbaar ko gart me mila diya.Amar ujala se kooda bhar kr chaupat kr diya akhbaar.ab daura krna hi bacha hai dekhte hain ki us se kya hota hai.
manoj
December 3, 2011 at 4:01 pm
hindustan ka bokaro office anokha hai,office incharge Ramprewesh LIC ka ajent hai,is nate ramprewesh jile ke sabhi bharast padadhikari aor apradhi ka bima kara chuke hai, islea hindustan ke bokaro jile ke lia manage pratha chale hai,Ramprewesh ke is kartut se sabhi reporter paresan hai,news ko dabana inke pahala kam hai,islea is akhbar ka astar lagatar gir raha hai,main bhi reporter hu,Ramprewesh ke khilap prabhandan action kuion nahi le raha hai,