मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि व्यक्ति को जीवन में कामयाब होने के लिये विश्वसनीयता बनाये रखना जरूरी है। बगैर साख के किसी भी व्यक्ति, संस्था या समाचार पत्र को कामयाबी नहीं मिल सकती। गहलोत शनिवार को जनपथ स्थित अशोक क्लब में दैनिक समाचार पत्र ‘लोकदशा’ के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने ‘लोकदशा’ के पाक्षिक से दैनिक समाचार पत्र के रूप में शुरुआत के लिये पत्र के सम्पादक शिवचरण माली को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साख त्याग मांगती है और एक बार साख खत्म होने के बाद कितना भी पैसा खर्च कर दिया जाये साख नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि ‘लोकदशा’ एक समाचार पत्र ही नहीं बल्कि एक मिशन है। अपने मिशन के दौरान यह समाचार पत्र ऐसी साख बनाये कि लोग इस मिशन रूपी यज्ञ में आहूति देने के लिये आगे आयें। उन्होंने कहा कि प्रसार संख्या की प्रतिस्पर्धा में पड़े बगैर समर्पण भाव से कार्य करते रहें तो समाचार पत्र कामयाबी की मंजिल की तरफ आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि समर्पण बरकरार रहेगा तो सभी मदद करते रहेंगे।
श्री गहलोत ने कहा कि बड़े अखबारों में विज्ञापन बढ़ते जा रहे हैं और समाचारों के लिये जगह कम पड़ती जा रही है। समाचार पत्र जितना प्रसिद्घि पाता है खबरें कम होती जाती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दैनिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशित होने के बाद भी ‘लोकदशा’ का समर्पण भाव और विचारपरकता वही बनी रहेगी जो पहले थी। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता, जातिवाद, नक्सलवाद एवं आतंकवाद आज देश के समक्ष बड़ी चुनौतियां हैं।

देश में इन चुनौतियों का मुकाबला करने की क्षमता है और देश के नेताओं में भी त्याग व बलिदान का जज्बा है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले भी और आजादी के बाद भी देश की एकता व ए अखंडता बनाये रखने के लिये यहां के नेताओं ने कुर्बानियां दी हैं। देश को एक बनाये रखने के लिये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह व अन्य लोगों ने अपनी जान दे दी। आज भी हमारे मुल्क के लोग इसे अखंड बनाये रखने के लिये अपनी जान देने को तैयार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मुल्क अनेकता में एकता का उदाहरण है। कई तरह की भाषाएं, बोलियां यहां बोली जाती हैं और कई धर्मों, संप्रदायों के लोग यहां रहते हैं। हिन्दुस्तान की महान संस्कृति व संस्कार दुनिया को संदेश दे रहे हैं, यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा भी कह चुके हैं। इस अवसर पर गृहमंत्री शांति धारीवाल ने उम्मीद जताई कि ’’प्रतिस्पर्धा से परे, समाचार खरे’’ की टैगलाइन को यह समाचार पत्र सार्थक साबित करेगा।
समारोह में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. अमर सिंह राठौड़ ने कहा कि 11 साल तक पाक्षिक के रूप में प्रकाशित होने वाला यह समाचार पत्र अब दैनिक समाचार पत्र के रूप में पाठकों तक पहुंचेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पत्र के सम्पादक के नेतृत्व में यह नये रूप-रंग व पत्रकारिता के अलग मानदंडों के साथ नजर आयेगा।
बालातोरा से बंशीलाल की रिपोर्ट.












dinesh sharma
January 3, 2011 at 8:50 am
lokdasha ke daily hone par shivcharan maliji ko badhai, ummed hai ki ye akhbaar dusre akhbaro se kahi aage sirf patrakarita ka maan samman badaiyaga. lokdasha ki puri team ko badhai.
mahesh agarwal
January 2, 2011 at 4:39 pm
ab sarkari vigyapano khane ke liye rajasthan me akela yahi akhabar bahut hai .pahale to karela aur fir neem chadha . bhai sahab ashokji ne pahale khel kood parishad ka chairman banakar ek bar nawaj diya .ab dainik akhabar karake unko teen saal me poora cash kara lo aage das saal to chanse milane wala hai nahi .jab vasundhara raje aayegi tab nikalana is denik ko ,tab pata chalega ki denik paper kaise nikalata hai .lage haath amar singh rathore ko news editor bhi rakh lo kam se kam akhbaar me purane kisse kahaniyan likhane ke kaam to aa hi jayega.aapke dussahas ko salam
moolchand peswani
January 2, 2011 at 1:50 pm
rajsthan je dasha sudharne kf sambhwana badhi
daily hone par badhai
V9d
January 2, 2011 at 10:34 am
wish good luck 2 lok dasha team
Dinesh sharma
February 13, 2011 at 6:33 am
samachar patra padha, PADHKAR LAGA KI VASTAV ME EK PARIPURN SAMACHARPATRA HAI.
Dinesh sharma
February 13, 2011 at 6:35 am
BADHAI HO