देश के जाने-माने पत्रकार और ग्वालियर-चम्बल के सपूत स्वर्गीय आलोक तोमर जी को उनकी प्रारम्भिक कर्मभूमि रही ग्वालियर में अत्यंत भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में अंचल भर के पत्रकार, साहित्यकार, बुद्धिजीवी, रंगकर्मी और आलोक जी से जुड़े लोग तथा उनके निजी मित्रों ने कला वीथिका में अपने चहेते पत्रकार को भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की.
इस आयोजन का माहौल अत्यंत भावुक था. इसमें ज्यादातर वह लोग मौजूद थे जिनके सामने – जिनके साथ आलोक जी ने अपनी पत्रकारिता का ककहरा सीखा. इस मौके पर लगाए गए बोर्ड भी लोगों को रुला रहे थे. एक बोर्ड पर वरिष्ठ पत्रकार और संस्थान के अध्यक्ष देव श्रीमाली द्वारा आलोक जी की स्मृति में उनकी ओर से एक भावुक शेर लिखा गया था –
मेरा यकीन करो मैं नहीं आऊँगा कभी ख्वावों में
गर मेरी याद आये तो मुझे तुम ढूँढना किताबों में.
इसके अलावा एक बोर्ड पर आलोक जी द्वारा अंतिम समय में लिखी गयी कविता -काल तुझसे होड़ है मेरी – उनके हस्त लेख में लगाई गई थी, इसके ऊपर आलोक जी का एक बहुत पुराना फोटो भी छपा था, जिसमें वे एक टाइपराइटर पर सिर रखे बैठे थे.
कार्यक्रम में सर्वप्रथम ग्वालियर नगर निगम की महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता ने आलोक जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. शुरुआत में देव श्रीमाली ने कहा कि आलोक जी ने पत्रकारिता के ज़रिये सिर्फ स्वयं को ही स्थापित नहीं किया बल्कि देश भर में सामाजिक सरोकारों के लिए निर्भीकता से खबरें लिखने वाले सैकड़ों पत्रकारों को भी तैयार किया. पूर्व महापौर विवेक शेजवलकर ने कहा की स्व. तोमर में खबर खोजने, उसे तथ्यों की कसौटी पर कसने और उसे भाषा के घोड़े पर बिठाकर शिल्प की ऐसी चासनी में लपेटने की महारथ थी की पाठक उनकी खबरों का मुरीद हो जाता था.
मध्य प्रदेश राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह तोमर ने कहा कि स्व. तोमर में शुरू से ही सत्यता को निर्भीकता के ज़रिये उजागर करने का माद्दा था. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने छात्र जीवन के संस्मरण सुनाये. वहीं समाजसेवी और आलोक जी के मित्र अशोक सिंह ने कहा कि खबर के प्रति निष्ठा और संवेदना उनकी खास पूंजी थी. स्व. तोमर के निजी मित्र समाजसेवी शरद श्रीवास्तव और मालनपुर के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र शर्मा ने अपने भावुक संस्मरण सुनाये. देश के उदीयमान शायर अतुल अजनबी ने अपनी ग़ज़ल और मदन मोहन दानिश ने पुष्पों के ज़रिये अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस आयोजन का भावुक संचालन ईटीवी के ब्यूरो चीफ तथा साहित्कार आलोक पंड्या ने किया.
इस कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोगों में प्रेस क्लव के सचिव राकेश अचल, साहित्कार ब्रजेश शर्मा, माता प्रसाद शुक्ल, जहीर कुरसी, आजाद रामपुरी, शालिनी इंदुलकर, आकाशवाणी उद्घोषक श्याम सरीन, जनसंपर्क विभाग की ओर से हितेंद्र सिंह भदौरिया, नगर निगम पीआरओ मधु सोलापूरकर, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राम विद्रोही, डॉ. केशव पाण्डे, बालेन्दु मिश्र, मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश पदाधिकारी सुरेश शर्मा, मध्य प्रदेश पत्रकार संघ के संस्थापक महासचिव राजेश शर्मा, लोकेन्द्र पराशर, अमर उजाला नोएडा के पूर्व संपादक प्रमोद भारद्वाज, डॉ. शिव बरुआ, अवध आनंद, प्रो. योगेन्द्र मिश्र, रवि शेखर, डॉ. तानसेन तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी, पुष्पेन्द्र सिंह तोमर, जावेद खान, पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक जयंत तोमर, पत्रकार नासिर गौरी, तेजपाल सिब्ध, सुनील पाठक, अर्पण राउत चंद्रवेश पांडे, राजेन्द्र कश्यप, प्रदीप कश्यप, प्रख्यात रंगकर्मी डॉ. कमल वशिष्ठ, मदन बाथम और सीपीआई के महासचिव राजेश शर्मा तथा आलोक जी के अनुज अनुराग तोमर समेत पूरे संभाग से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी श्रदांजलि अर्पित की.












VK SHARMA
April 5, 2011 at 4:32 am
mujhe abhi bhi yakeen nahin ho raha ki alok ji hamaare beech nahi rahe ![b][/b]
ANUP NARAYAN SINGH
April 5, 2011 at 9:01 am
ALOK TOMAR KAI SATH HI HINDI PATRKARITA KA BAT BRIKAS BHI CHALA GAYA BIHARI KHABAR PARIWAR KI TARAF SAI ALOK JEE KO SAT SAT NAMAN-ANUP NARAYAN SINGH,SUB EDITOR, BIHARI KHABAR
deep srivastava
April 5, 2011 at 9:09 am
baghwaan unki aatma ko shanti de
ek ptrkar
April 6, 2011 at 9:09 am
shri mali ji kya aalok ji ko arun tomar or srad ji ya koi neta k k elava koi ptrkar nhai janta tha kya jo aap bar-bar inhe ko tvjjo dekar. kuch or publicity dilana chate hn.
ishwar singh
April 6, 2011 at 12:53 pm
aalok tomar ke atulniya yogdaan ko patrakarita jagat me hamesha yaad rakha jayega. ishwar unke parijano ko dukh ki ies ghadi me shakti pradan kare.
Shyam Hardaha Lokmat samachar Nagpur
April 6, 2011 at 5:51 pm
Adarniya Alok ji ko hardic shradhangli. Mai pahli baar alok ji se Madhya predesh ke mandla jile ke Nainpur ke railway Institute me unki kitab harabhara akal pustak ki paricharcha ke douran hui thi.
Shyam Hardaha Lokmat samachar Nagpur
April 6, 2011 at 5:54 pm
Adarniya Alok ji ko hardic shradhangli. Mai pahli baar alok ji se Madhya predesh ke mandla jile ke Nainpur ke railway Institute me unki kitab harabhara akal pustak ki paricharcha ke douran hui thi.