अमर उजाला में इंक्रीमेंट और प्रमोशन को लेकर कहीं खुशी है तो कहीं गम की स्थिति है. चंडीगढ़ यूनिट से खबर है कि पांच संपादकीय कर्मियों का प्रमोशन किया गया है, जिसमें चार रिपोर्टर तथा एक डेस्क पर कार्यरत सब एडिटर हैं. चंडीगढ़ के सिटी रिपोर्टर सुमीत सेवरान, जालंधर के रिपोर्टर सुरेन्दर पाल, पानीपत ऑफिस के ब्यूरो इंचार्ज हरेंद्र रपारिया, अम्बाला आफिस के ब्यूरो इंचार्ज मोहित धुप्पड़ को सीनियर रिपोर्टर बनाया गया है.
चंडीगढ़ में डेस्क पर कार्यरत आदित्य त्रिपाठी को सीनियर सब बना दिया गया है. हिमाचल के छह लोगों को प्रमोशन दिया गया है. इसमें शिमला के सुरेश सांडिल्य, चैतन्य ठाकुर, रमेश कुमार, पूजा अवस्थी, तजींदर सिंह, सालोन से अशोक केदियाल शामिल हैं. जम्मू में किशन कुमार शर्मा, अमित कुमार और संजीव अंदोत्रा का प्रमोशन किया गया हैं. तीनों को सीनियर रिपोर्टर बना दिया गया है. एक-दो अन्य नामों की भी चर्चा है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. इस टेरेटरी में प्रमोशन पाने वाले सभी लोग सब एडिटर ग्रेड के हैं.
पिछले साल इस टेरेटरी में सब एडिटर स्तर के लोगों का प्रमोशन नहीं हुआ था, जिसके चलते कई अच्छे लोग अमर उजाला छोड़कर दूसरे संस्थानों में चले गए थे. इस बार भी कई अच्छे सब एडिटरों ने प्रमोशन की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन दीपावली से पहले अचानक तमाम लोगों के किस्मत का ताला खुल गया. ये सभी प्रमोशन सितम्बर से लागू किए गए हैं. हालांकि इस प्रमोशन से कुछ दूसरे कर्मियों में आंतरिक असंतोष भी है.
बनारस यूनिट से खबर है कि यहां चार लोगों का प्रमोशन किया गया है. संपादक डा. तीर विजय सिंह के रेकमेंडेशन के बाद ये प्रमोशन किए गए हैं. जिन लोगों के प्रमोशन हुए हैं उनमें सोनभद्र ब्यूरोचीफ पवन तिवारी, वाराणसी यूनिट में कार्यरत रणंजय सिंह, राजेश यादव एवं फोटोग्राफर अनिरुद्ध पांडेय के नाम शामिल हैं. सभी लोगों को सीनियर बना दिया गया है. इनका प्रमोशन भी सितम्बर माह से लागू माना जाएगा.
अमर उजाला के गोरखपुर यूनिट में प्रमोशन और इंक्रीमेंट को लेकर असंतोष है. इस साल यहां एक भी प्रमोशन नहीं हुआ है. सालाना इंक्रीमेंट जरुर किए गए थे. खबर है कि प्रमोशन न होने से नाराज कई लोग हिंदुस्तान अखबार में अपने लिए जगह तलाश लिया है. इन लोगों ने विधिवत अमर उजाला से इस्तीफा नहीं दिया है परन्तु खबर है कि हिंदुस्तान में इन लोगों के नाम फाइनल हो चुके हैं. संभावना है कि कुछ अन्य लोग भी उजाला को बाय कर सकते हैं. इस यूनिट में पिछले साल कुछ प्रमोशन किए गए थे परन्तु इस बार इस यूनिट में प्रमोशन की होली-दिवाली खाली ही रही. गोरखपुर में कार्यरत योगेश्वर सिंह तथा बस्ती में कार्यरत अब्दुल सलाम तो अमर उजाला की लांचिंग के समय से ही जुड़े हुए थे. इन लोगों को उम्मीद थी कि इतने सालों बाद कम से कम इन्हें स्टाफर बना दिया जाएगा, पर इनकी उम्मीदें अधूरी ही रह गईं. हिंदुस्तान में बेहतर मौका मिलने पर दोनों ने उड़ान भर ली.












arun
October 9, 2011 at 6:05 am
pawan tiwari ji ko badhai.
Sandeep Richhariya
October 9, 2011 at 9:21 am
बधाई मोहित इसी तरह आगे और भी प्रमोशन पाते रहोगे।
संदीप रिछारिया
रायबरेली
Kesavan
October 10, 2011 at 8:19 am
arun singh (hr) choor hai amar ujala ko loot raha hai, jaldihatao nahi to amar ujala ko kangal kar dega