: अन्ना की जीत पर आयोजित कार्यक्रम में हुआ था उत्तेजक नृत्य : बिहार के कटिहार जिले के सीजेएम कोर्ट ने इंडिया न्यूज एवं राष्ट्रीय सहारा के पत्रकारों समेत कुल साल लोगों के खिलाफ नगर थाना को रिपोर्ट लिखने का निर्देश दिया है. यह निर्देश ललित अग्रवाल की कोर्ट में दायर की गई याचिका पर दिया गया है. ललित ने यह याचिका अन्ना के जीत की जश्न में आयोजित कार्यक्रम में अश्लील नृत्य की खबर चलाने के खिलाफ दायर की थी.
अन्ना की जीत की जनलोकपाल पर जीत की खुशी में ललित अग्रवाल समेत कई लोगों ने”जश्न -ए-आज़ादी” नामक एक प्रोग्राम आयोजित किया था. कटिहार के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित इस जीत उत्सव में जिला प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में कई कार्यक्रम हुए. इसी बीच इस कार्यक्रम में कुछ ऐसा हो गया कि लोगबाग सोचने को मजबूर हो गए कि आखिर ये कैसा जश्न-ए-आज़ादी है? मंच पर तो अन्ना के फोटो, बैनर और राष्ट्रीय ध्वज आदि थे पर जब प्रोग्राम आगे बढ़ा तो कोलकाता से आई एक महिला कलाकार कम कपड़ों में फिल्मी गानों पर उत्तेजक नृत्य करने लगी.
इस खबर पर किसी भी मीडियाकर्मी ने ध्यान नहीं दिया, परन्तु इंडिया न्यूज बिहार-झारखंड एवं राष्ट्रीय सहारा ने इस खबर को प्राथमिकता से लोगों के सामने रखा. जिसके बाद ललित अग्रवाल कोर्ट पहुंच गए. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए इंडिया न्यूज के वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश, कटिहार के इंडिया न्यूज के संवाददाता रंजीत गुप्ता, इंडिया न्यूज पटना के वरिष्ठ संवाददाता शिशिर चौबे, राष्ट्रीय सहारा के वरिष्ठ संवाददाता सतेंदु सुमन, राष्ट्रीय सहारा के मैनेजिंग एडिटर जयब्रत राय, जनता न्यूज के एडिटर राजेंद्र कुमार वेद तथा समाजिक कार्यकर्ता विनय भूषण के खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 392, 500 एवं 120 (बी) के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.
अब बताते हैं ललित अग्रवाल के बारे में, कार्यक्रमों के आयोजकों में शामिल ललित की पहचान कटिहार के नामी केबल ऑपरेटरों में होती है, जो चैनल उनके विरोध में काम करते हैं वे उसका प्रसारण कटिहार में ठप करा देते हैं. यही हाल इंडिया न्यूज के साथ भी किया गया. जब इस खबर को इंडिया न्यूज पर प्रसारित किया जा रहा था तब इसका प्रसारण बंद करवा दिया गया था. पत्रकारों में उनकी इतनी धाक है कि कोई उनके खिलाफ खबर करने की हिम्मत नहीं करता है. जो भी उनके खिलाफ आवाज बुलंद करता है उपर बैठे लोगों को कहकर या धमका कर स्थानीय पत्रकार को हटवा देते हैं. झूठे मुकदमे में फंसा देने का इतिहास काफी पुराना है.



कटिहार से अंकुर कुमार की रिपोर्ट.












aasis
September 7, 2011 at 8:20 am
SAVAAL YE HAI KI DESH KI AVMANANA KA MAMALA JILA PRSHASAN NE AB TAK KYO NAHI DARJ KARAYA HAI … JAB KI VISUL KEHTA HAI KI DESH KA APMAAN HUVA HAI ……..
narender
September 7, 2011 at 12:28 pm
अरे भाई इस ललित अग्रवाल को बुलंदशहर तो भेजो…
Anirudh Kumar
September 7, 2011 at 4:44 pm
जहां तक मुझे याद है कि लगभग एक वर्ष पहले भी ललित अग्रवाल के एक कारनामे का खुलासा हुआ था, शायद वह भड़ास4मीडिया पर हीं पढा था कि कैसे इनलोगों ने एक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी के मौत की घटना को मीडिया में आने नहीं दिया, उसकी पत्नी दर-दर की ठोकरें खा रहीं थी, और अभियुक्त शायद वहां का डीएसई था, जो बेधड़का ऑफिस आता रहता था। शर्म आनी चाहिए अग्रवाल को। शायद इनका लोकल चैनल भी चलता है, जिसके सहारे पेड न्यूज चलाना इनकी आदत हो गई है। इस न्यूज चैनल को जिला प्रशासन के द्वारा अविलंव रोका जाना चाहिए, रही बात पत्रकारों को हटवा देने की तो अग्रवाल जी को यह बात समझ लेना चाहिए कि पत्रकार की ताकत कलम में होती है, जिसे आप जैसा व्यक्ति बाल बांका भी नहीं कर सकते। कुछ देर के लिए कष्ट दे सकते हैं लेकिन उसकी जमीर को नहीं झुका सकते। अग्रवाल जी को शायद अच्छे पत्रकारों से भेंट नही हुई है।
Amritendra
September 8, 2011 at 7:49 am
Who is this Lalit Agarwal. Is it the right way to celebrate Ann’s Win over corruption? I don’t think so. I am totally against of Lalit behavior on this matter and he should Apologies on this infront of Katihar people. He is trying to create a Negative picture of Bihar . Get well soon Mamu 🙂
prashant
September 8, 2011 at 7:57 am
This FIR is totally out of sense as it reflect the misusing the freedom rights of constitution. Media acts the mirror of society so plz let them do their work…..be cautious at ur end.
Amritendra
September 8, 2011 at 9:07 am
Atyant khed ke sath kahna pad raha hai ki Lalit Agarwal ka Mansik Santulan thik nahi hai jiske karan wo sarmank harkat karne ke bad bhi sarm mahsus nahi kar rahe hain. Gandhi ji aur Anna ke adarsh ke khilaf unki ye harkat Bihar ki ek galat tasvir samaj me pesh kar rahi hai jiske liye unko yaha ki janta maaf nahi karegi. “”Get well Soon Mamu “” 😛
Chandan
September 8, 2011 at 12:43 pm
Ek to chori aur upar se Sinajori. Lalit sudharo varna sare kale karnamo ka pulinda ye patrakar khol denge.
Rahul Kumar Thakur
September 8, 2011 at 4:06 pm
Lalit Agrawal ne Anna ke andolan ko sarmsar kiya hai,wah desdroh hai,bhale hi wah reporters par FIR karke apne ko sher samjhe lekin wah mard nahi namard kaha ja sakta hai,
rajni
September 8, 2011 at 4:13 pm
अन्ना जी के नाम और फोटो का इस्तेमाल करना जरुरी था इस तरह का सर्म्नाक डांस ही करवाना था तो आपने घर में करवा लेता देस की तिरंगा और भारत माता के फोटो के
सामने डांस करवाने की क्य जरुरत थी इन पर तो देस द्रोह का मामला दर्ज कर हमेसा के लिए जेल में बंद कर देना चाहिए ,या नहीं तो इनलोगों को पागल खाना भेज देना चाहिए ,
niraj
September 8, 2011 at 5:26 pm
कटिहार के दल्ला पत्रकारों को छोर कर बाकि हम सभी पत्रकारों का यही आवाज
यह जीवन संघर्ष है …..यहाँ लरना ही होगा !!!
जो ना लड़े……. तो सरना ही होगा !!!!
दुश्मन कि गोलियों का ……हम सामना करेंगे !!!!!!
आजाद ही है …..आजाद ही रहेंगे !!!!!
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हमारी रग- रग में यही आवाज [/b][/u]
जो पूछे कि कौन हो तुम ??
तो कह दो बागी है नाम अपना
जुल्म मिटाना हमारा पेशा
ग़दर करना है काम अपना …..
कटिहार के पत्रकार लरते रहो हम तुम्हारे साथ है , जुल्म और जुल्मी को जर से उखरना है