बनारस में पिछले दिनों चले प्राइस वार की लपट अब इलाहाबाद पहुंच गई है. इलाहाबाद में दूसरे नम्बर पर काबिज अमर उजाला ने इस लड़ाई का आगाज किया है. अखबार ने अपना दाम घटाकर दो रूपये कर दिया है. अमर उजाला के दाम घटाने के बाद अब इलाहाबाद में भी प्राइस वार बढ़ने की संभावना बन गई है. इससे पाठकों को तो फायदा होगा पर सवाल यह है कि क्या दाम घटने के बाद वितरकों का कमीशन भी घटाया जाएगा.
आज अमर उजाला के विभिन्न वितरक केंद्रों पर पहुंचने के बाद सुगबुगाहट तेज हो गई. दाम कम होने से ज्यादा हॉकर अपने कमीशन को लेकर चिंतित नजर आए. हालांकि सूत्रों ने बताया कि प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि हॉकरों के कमीशन में कोई कटौती नहीं की जाएगी. गौरलतब है कि अमर उजाला किसी समय इलाहाबाद का नम्बर एक अखबार हुआ करता था. पर आंतरिक उठापटक तथा जागरण द्वारा चलाई गई स्कीमों ने इस दूसरे नम्बर पर धकेल दिया.
बनारस में अखबार का दाम घटाने के बाद अब इलाहाबाद में भी इसे लागू करके अमर उजाला ने बढ़त लेने की कोशिश की है. अमर उजाला के इस कदम के बाद जागरण और हिन्दुस्तान पर भी दबाव बढ़ गया है. प्राइस वार बनारस से चलकर इलाहाबाद पहुंच चुका है. अब दोनों प्रतिद्वंद्वी अखबार अमर उजाला के इस कदम से निपटने के लिए क्या रणनीति अपनाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा.












बेनामी
January 24, 2011 at 3:10 am
अमर उजाला वालों को अब एक बात समझनी चाहिये कि कीमत घटाने से कुछ नहीं होता है, अखबार में खबरें होनी चाहिये। आज से 8-9 साल पहले जब अमर उजाला में खबरें होती थीं तो पाठक उस वक्त भी उसके लिये तीन रुपये देने को तैयार होता था।