सपा के प्रदर्शन के दौरान एटा में पुलिस द्वारा हिंदुस्तान तथा अमर उजाला के फोटोग्राफरों की पिटाई के मामले में अब तक कोई कार्रवाई न होने से पत्रकार नाराज हैं. एटा में मीडिया लगातार पुलिस और प्रशासन के उत्पीड़न का शिकार होता जा रहा है. पिटाई के मामले में कई बार उच्च अधिकारियों से भी लिखित एवं मौखिक शिकायत के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाया गया है. उक्त आरोप लगाते हुए पत्रकारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
पत्रकारों के उत्पीड़न के मामले को लेकर एक बैठक जीटीरोड स्थित फर्रूखाबाद धर्मशाला में आयोजित की गई. जिसमें बीते माह में प्रशासन द्वारा कई बार पत्रकारों के बल पूर्वक उत्पीड़न किये जाने का मुद्दा उठाया गया. पत्रकारों ने कहा कि पिछले दिनों हिन्दुस्तान के फोटोग्राफर अन्नू शर्मा, अमर उजाला के डीके तथा चौथी दुनिया साप्ताहिक समाचार पत्र के संजय समरभाल सहित कई पत्रकारों को पुलिस ने मारा पीटा एवं प्रताड़ित किया. जिसकी लिखित शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी की गई लेकिन उनके द्वारा अभी तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि पुलिस आक्रामक होकर पत्रकारों का उत्पीड़न लगातार उत्पीड़न करने में लग गई है.

डीएम को ज्ञापन सौंपते एटा के पत्रकार
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में पत्रकारों ने मांग की है कि पुलिस उत्पीड़न पर अंकुश लगाने हेतु कोई कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए. यदि तीन दिन तक कोई कार्रवाई अमल में नही लाई जाती है तो जनपद के सभी पत्रकार पुलिस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के लिये बैठने को मजबूर हो जायेंगे. बैठक में जनपद के कस्बा स्तरीय संवाददाता एवं साप्ताहिक एवं दैनिक समाचार पत्रों के जिला संवाददाता मौजूद थे. बैठक के बाद सभी पत्रकार इकट्ठा होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकार को ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन सौंपने वालों में देवेश पाल सिंह, अभितान्शु शाक्य, उमाकान्त तिवारी, नितिन तिवारी, राजेश दीक्षित, आरबी द्विवेदी, जसंवत सिंह, प्रवीण कुमार, लालू चौहान, आदित्य यादव, वीरेन्द्र सिंह गहलौज, संजय समरभाल, मोहसिन मलिक, शिवकुमार सिंह, दुर्गेश यादव, प्रमोद लोधी, संतोष चौहान, संतोष यादव, संतोष कश्यप, राकेश चन्द्रबरिया, सुनील यादव, रवि भारद्वाज, अनुभव शाक्य, संदीप दीक्षित, रजनीश जैन, अर्जुन मिश्रा, ऋषि कुमार शर्मा, इकबाल हसन, तिलकराज, वैभव पचौरी, शीलू, सुमित यादव सहित अनेक पत्रकार शामिल रहे.












raj
April 6, 2011 at 12:18 pm
police kabhi apni harkato se baj nahi a sakti.patrakaro ko bhi sirf dosti khabro ke liye karni chahiye.