: जमानत पर फैसला 14 मई तक सुरिक्षत : सीबीआई ने शनिवार को विशेष अदालत में डीएमके की सांसद एवं कलइगनार टीवी की डाइरेक्टर कनिमोझी की जमानत याचिका को चुनौती देते हुए कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में कनिमोझी पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ सक्रिय रूप से शामिल थीं. राजा के हर कदम और राज की जानकारी कनिमोझी को थी. वे उनकी मदद भी कर रही थीं. इसके पहले कनिमोझी के वकील राम जेठमलानी ने इस पूरे मामले को साजिश बताया था. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत पर फैसला 14 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है.
सीबीआई के वकील यूयू ललित ने जज ओपी सैनी की अदालत में जोर देकर कहा कि यह बात पूरी तरह गलत है कि इस पूरे मामले में राजा की भूमिका तथा उन्हें कलइगनार टीवी में किए गए 200 करोड़ रुपये के ट्रांसफर की जानकारी नहीं थी. क्योंकि कनिमोझी उस समय कलइगनार टीवी डाइरेक्टर थीं. 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के इस पूरे मामले में कनिमोझी सक्रिय रूप से शामिल थीं.
सीबीआई के वकील ललित ने कहा कि यह बिल्कुल निराधार बात है कि कनिमोझी ने राजा का साथ नहीं दिया. वह 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन के लिए शुरू से लेकर अंत तक राजा के साथ काम कर रही थीं. उन्हें राजा के हर कदम और काम की जानकारी थी. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कनिमोझी की ओर से पेश हुए सीनियर वकील राम जेठमलानी ने दलील दी थी कि राजा के साथ कनिमोझी का सम्बंध नहीं है. कनिमोझी को साजिश रचकर फंसाया जा रहा है.
कनिमोझी ने अपनी जमानत याचिका में कहा कि यदि हम मान भी लें कि राजा ने कलइगनार टीवी के जरिए डायनेमिक्स समूह को 200 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की थी, तब भी मेरे खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं होता, क्योंकि इसके लिए मैंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए. सीबीआई ने अपने दलील में कहा कि कनिमोझी दोबारा ए राजा को दूरसंचार मंत्री बनाने के लिए काफी सक्रिय थीं तथा मध्यथ की भूमिका निभा रही थीं.












Ali
May 10, 2011 at 5:40 pm
zamanat nahi deni chahye jab tak pura case final na hojaye lekin zamanat to kye ba izzat bari honge sabhi log kyonke yahi to sarkar chati hai