जबलपुर के ओरिएंटल इंजीनियरिंग कॉलेज में मीडियाकर्मियों के ऊपर हुए हमलों में न्यायसंगत कार्रवाई की मांग को लेकर पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस महानिदेशक एसके राउत से मिला. राउत ने घटना को निंदनीय बताते हुए साक्ष्य के आधार पर चिन्हित आरोपियों के जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पत्रकारों के मामले में उचित कार्रवाई कर पूरा संरक्षण प्रदान किया जाएगा.
मुलाकात के बाद पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपकर दलित पत्रकार की शिकायत पर अनुसूचित जाति-जनजाति का प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की. पत्रकारों ने मंडला, नैनपुर, सिवनी तथा केवलारी आदि क्षेत्रों के पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं और उनमें पुलिस द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई न किये जाने को लेकर विरोध भी व्यक्त किया.
गौरतलबब है कि विश्वकप के दौरान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच देखने के लिए आरिऐटंल कॉलेज के 180 छात्रों ने कॉलेज का बहिष्कार कर दिया था, जिसके बाद कालेज प्रबंधन ने सभी छात्रों पर सौ-सौ रुपये फाइन लगा दिया. इसकी जानकारी जब एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को लगी तो वे कॉलेज प्रबंधन को समझाने गए. प्रबंधन के लोगों ने कार्यकर्ताओं को कालेज में बंधक बना लिया और मारपीट शुरू कर दी थी.
इस मारपीट की सूचना मिलने पर घटना को कवर करने जबलपुर के कई मीडियाकर्मी भी पहुंच गए. कालेज प्रबंधन ने कई मीडियाकर्मियों से अभद्र व्यवहार तथा मारपीट किया था. पांच मीडियाकर्मियों को चोटें आईं. कई कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए गए. कपडे़ फाड़े गए. घायल कैमरामैन संतोष कुमार की तहरीर पर डायरेक्टर, उप प्राचार्य तथा एक सिक्योरिटी गार्ड को हिरासत में लिया गया था परन्तु बाद में सभी को रिहा कर दिया गया.
प्रतिनिधिमंडल में नलिनकांत बाजपेयी, परमानंद तिवारी, रफीक खान, हरीश चौबे, हेमराज कनौजिया, राजेश दुबे, राजेश विश्वकर्मा, फिरोज अहमद, जहीर अंसारी, संजीव चौधरी, अंशु वर्मा, विवेक यादव, कपिल खनेजा, मनोज प्यासी, शंकर विश्वकर्मा, केके नामदेव, शुभम् शुक्ला, उदय चौधरी आदि उपस्थित रहे.











