मिस्र की राजधानी काहिरा में जारी विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के लिए पहुँचे कई विदेशी पत्रकारों को पिछले एक हफ़्ते में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. उन्हें या तो हिरासत में लिया गया है या लोगों ने उन पर हमले किए हैं. सेना और पुलिस ने भी कई देसी-विदेशी पत्रकारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है.
भारत, अमरीका, ब्रिटेन और ब्राज़ील समेत कई देशों ने पत्रकारों पर हुए इन हमलों की आलोचना की है. सभी ने कहा है कि प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर बने नियमों का मिस्र सरकार उल्लंघन कर रही है. बीबीसी के रिपोर्टर असद सावे को भी काहिरा में पुलिसकर्मियों ने पीटा और पकड़कर ले गए. कुछ भारतीय पत्रकारों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है. भारतीय पत्रकारों से भी पूछताछ की गई तथा उनके टेप जला दिए गए.
एक रूसी टीवी चैनल के पत्रकारों को भी उस समय हिरासत में लिया गया जब वे तहरीर चौक से लाए वीडियो फुटेज का प्रसारण करने वाले थे. उनके मोबाइल और उपकरण छीन लिए गए, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. फिलहाल वे वापस मास्को लौट गए हैं. ब्राजीली पत्रकारों को भी पुलिस थाने में रखा गया, उन्हें पानी तक पीने को नहीं दिया गया. अल जजीरा के पत्रकारों पर भी हमला किया गया. स्वीडन एवं फ्रांस के पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया. अमेरीकी पत्रकारों को भी पीटा गया.












VIJAY
February 5, 2011 at 7:58 am
बरखा और सन्घवी को मिस्त्र कि जनता के हवाले कर देना चाहिये वहा पर उचित न्याय कि व्यवस्था बन सकती है