कृष्ण कुमार कन्हैया ने न्यूज एक्सप्रेस से इस्तीफा दे दिया है. वे यहां पर प्रोड्यूसर थे. उन्होंने अपना इस्तीफा चैनल हेड मुकेश कुमार को दिया है. वे दो महीना भी न्यूज एक्सप्रेस के साथ नहीं रह पाए. कृष्ण कुमार साधना न्यूज से इस्तीफा देकर न्यूज एक्सप्रेस पहुंचे थे. वे दस सालों से टीवी पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
कृष्ण कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 2001 में ईटीवी, हैदराबाद से की थी. इन्हें बाद में प्रमोट कर समस्तीपुर ब्यूरोहेड बना दिया गया. 2003 में यहां से इस्तीफा देने के बाद नोएडा में सहारा समय के साथ जुड़ गए. लांचिंग टीम के सदस्य रहे. यहां से इस्तीफा देने के बाद 2008 में हमार टीवी की लांचिंग टीम से जुड़ गए. दो सालों तक एडिटोरियल के अलावा टेक्निकल सेक्शन में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई. यहां से इस्तीफा देने के बाद साधना न्यूज से जुड़ गए थे. कृष्ण कुमार एडिटोरियल के अलावा पीसीआर के भी मास्टर माने जाते हैं. वे सहारा में मुकेश कुमार के एमपी लांचिंग टीम के सदस्य रह चुके हैं.
अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कृष्ण कुमार ने कहा कि वे मुकेश कुमार जी से जुड़कर बेहद खुश थे परन्तु अजय ढौंढियाल और दिनेश कांडपाल जैसे लोगों के साथ काम कर पाना संभव नहीं है. उन्होंने पत्रकारिता के मेन स्ट्रीम से ही विदा लेने का इरादा जताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में काम से नहीं पॉलिटिक्स से टिका जा सकता है, जो मेरे लिए संभव नहीं है.
हिंदुस्तान, मऊ से अजीत सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपनी नई पारी राष्ट्रीय सहारा, गाजीपुर के साथ शुरू की है. अजीत इसके पहले अमर उजाला को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.












A.jha
April 24, 2011 at 4:59 am
न्यूज़ एक्सप्रेस में काम कर पाना किसी के लिए भी बहुत मुश्किल होगा। टीम सारी एडिटोरियल टीम में लगभग सभी वीओआई के बाद से बेकार पड़े लोग भरे पड़े है। सभी लगभग दो साल खाली बैठे थे। काम के मामले में जो लोग जो काम करते थे उन्हे वो काम मिलना मुमकिन नहीं था। ऐसे में वो लोग दूसरों को परेशान करने का काम कर रहे हैं। साथ ही जॉब सिक्योरिटी का डर वहां काम कर रहे लोगों के दिमाग में भरा हुआ है। जिसकी वजह से ऑफिस की राजनीति अपने चरम पर है। वीओआई जैसे हालत पैदा होने में अब देर नहीं लगेगी। क्योंकि ऑफिस की गंदी राजनीति ही वीओआई को ले डूबी,अब न्यूज़ एक्सप्रेस की बारी है। कई लोग तो ऐसे है जिन्हें काम आता भी नहीं है,लेकिन सीनियर होने की वजह से जूनियरों को उनकी बात सुननी पड़ती है।
kautilya
April 28, 2011 at 3:23 pm
kahaiya ji k sath jo news express me hua vo media k lia kafi srmnak h……