भूकम्प से प्रभावित सिक्किम के दौरे पर गंगटोक पहुंचे गृहमंत्री पी चिदंबरम को पत्रकारों के सवालों पर अचानक गुस्सा आ गया और उन्होंने सुरक्षाबलों से तुरंत पत्रकारों को बाहर करने का आदेश दे दिया. चिदंबरम गंगटोक अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे थे. इस सूचना पर पत्रकार भी अस्पताल पहुंच गए तथा चिदंबरम से सवाल पूछने लगे. सवालों का जवाब दे रहे केन्द्रीय गृहमंत्री पत्रकारों पर उस समय भड़क गए, जब उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से संबंधित सवाल दाग दिए.
2जी स्पेक्ट्रम पर पूछे गए सवालों से चिदंबरम असहज हो गए तथा पत्रकारों पर भड़क गए. पत्रकार उनसे प्रणब मुखर्जी के चिट्ठी से सन्दर्भित सवाल पूछे थे. उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को आदेश दिया कि सभी पत्रकारों को तत्काल अस्पताल से बाहर निकाला जाए. उन्होंने कहा कि अब वे अस्पताल के अंदर तभी जाएंगे जब सारे पत्रकार वहां से बाहर निकल जाएंगे. इस पर सिक्युरिटी वालों ने आनन-फानन में सभी पत्रकारों को अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया.












sandhya
September 22, 2011 at 2:19 pm
That is called BHADAS to MEDIA.
Prof. Saurav Samir, Patna
September 22, 2011 at 6:33 pm
Home minister is next inmate of tihar jail. Saurav
vikas
September 23, 2011 at 6:54 am
क्या पत्रकार होने का यह मतलब है कि आपको कहीं भी, कुछ भी कहने या करने का अधिकार प्राप्त हो गया है? क्या आप यह बता सकते हैं कि अस्पताल के अन्दर पत्रकारों का जाना कितना उचित है? यदि आपका कोई अपना सगा उसे अस्पताल में हो और उसके बिस्तर के पास पत्रकार मजमा लगाएं, शोर गुल करें, दुनिया भर के और विषयों पर मंत्री आदि से सवाल जवाब करें तो उस समय आपको को कैसा लगेगा? दुःख की बात है कि पत्रकार बिरादरी के ज्यादातर सदस्य अपने आप को विशिष्ठ तथा नियमादी से परे समझते हैं.