अमर उजाला का बहुप्रतिक्षित मैग्जीन पंचायत प्रहरी की लांचिंग गाजियाबाद से हुई. गाजियाबाद के संपादकीय प्रभारी कुमार अभिमन्यु के परिकल्पना एवं निर्देशन में इस मैग्जीन को लांच किया गया है. गाजियाबाद के बाद पंचायत प्रहरी का प्रकाशन अमर उजाला की सभी यूनिटों में किया जाएगा. इसके लिए नए एमडी राजुल माहेश्वरी ने सर्कुलर जारी कर दिया है. फिलहाल यह पत्रिका त्रैमासिक है. परन्तु अगर इसको ठीक-ठाक रिस्पांस मिला तो इसे मासिक कर दिया जाएगा.
पंचायत प्रहरी को पंचायती राज व्यवस्था लागू होने से लेकर उसमें हुए बदलावों की विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गई है. इसमें प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्यों से लेकर अध्यक्षों तक के अधिकार एवं कर्तव्यों की जानकारी समाहित की गई है. यानी पूरी पंचायत व्यवस्था का सार उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है. यह पत्रिका चालीस पेज की है.












बेनामी
January 25, 2011 at 2:54 am
साथ के अखबार कहां के कहां पहुंच गये हैं, राष्ट्रीय हो गये हैं,अंतर्राष्ट्रीय हो गये हैं और ये अमर उजाला..जो 8-10 साल पहले तक अपने समकालीन अखबारों से बहुत ही आगे हुआ करता था, अभी पंचायतों से ही आगे नहीं निकल पा रहा है। क्या अमर उजाला के संपादक समुदाय को आगे की नहीं सूझती है? जिन लोगों को अमर उजाला की जड़ों में मट्ठा डालने के लिये ज़िम्मेदार ठहराया जाता था अब तो वो भी नहीं रहे फिर क्यों नहीं अमर उजाला उतना चमकदार हो पा रहा है जितना 8-10 साल पहले हुआ करता था?