दैनिक जागरण, सिलीगुड़ी से लोगों के जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. फिर दो लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. विज्ञापन विभाग से जुड़े कुणाल ने जागरण को बॉय बोल दिया है. उन्होंने अपनी नई पारी राज्य सरकार की एक संस्था के साथ सोशल ऑडिट कोआर्डिनेटर के रूप में शुरू की है. कुणाल ने अपने करियर की शुरुआत अंग्रेजी दैनिक स्टेट्समैन के साथ 2006 में की थी. इसके बाद वो जागरण से जुड़ गए थे.
यहां से जूनियर सब एडिटर सोना डे ने भी इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपनी नई पारी कहां से शुरू की है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. वैसे बताया जा रहा है कि यहां के खराब अनुभव के बाद उन्होंने पत्रकारिता ही छोड़ देने का निर्णय ले लिया है.
सेलरी काफी कम होने से नाराज कुछ लोगों ने प्रबंधन तक अपनी बात पहुंचा दी है. माना जा रहा है कि अगर इस मोर्चे पर प्रबंधन ने कुछ नहीं किया तो कई और लोगा जागरण, सिलीगुड़ी का दामन छोड़ सकते हैं. गौरतलब है कि इसके पूर्व प्रादेशिक डेस्क प्रभारी लक्ष्मीकांत दुबे और विज्ञापन मैनेजर एनपी सिंह भी जागरण, सिलीगुड़ी से इस्तीफा दे चुके हैं. यानी जागरण लगातार कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है.












ranjan rajesh
December 16, 2010 at 7:08 pm
दूबे बाबा । अब कहां जइब, पहले हिंदुस्तान, गोरखपुर से धकिया देल गइल ,अब दैनिक जागरण छोड़ देल , परचून के दुकान खोले के इरादा बा का । तोहर दुकानदारी कैसे चली ।
Rajeev Rai
December 20, 2010 at 9:43 am
jisne v ye tippri ki hai wo Dubey jee k baare mei thik se nahi jantaa hai aur kisi ke kahne per tippari ki hai. Dubey jee ne Hindustan se Khud resign diya tha. wop Dainik jagran chorna nahi chahtethe magar ghar se bahut dur ho jaane sehe resign diye. unke saath hum sabki shubhkaamnaaye hai. aur wo bahut jald he aa rahe hai. jo sabke liyesurprise hoga.