: उत्तराखंड से की गई गिरफ्तारी : वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे उर्फ जेडे की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी सतीश कालिया को हथियार उपलब्ध कराने वाले आरोपी को उत्तराखंड पुलिस एवं एसटीएफ के सहयोग से नैनीताल के काठगोदाम क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक पूछताछ में उसने छोटा राजन के संपर्क में रहने तथा हथियार उपलब्ध कराने की बात कबूल की है.
सतीश कालिया से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस उत्तराखंड पहुंची थी. यहां उसने स्थानीय पुलिस तथा एसटीएफ के सहयोग से जाल बिछाकर सतीश कालिया को हथियार देने वाले दीपक सिसोदिया को काठगोदाम इलाके से गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में उसने बताया है कि सतीश कालिया 12 मई को हथियार लेने हल्द्वानी आया था. और वहां होटल एसवी में मोहम्मद आरिफ के नाम से रुका था.
आईजी आरएस मीना ने इस संदर्भ में बताया कि पहचान पत्र में फोटो सतीश कालिया का था, जबकि नाम आरिफ दर्ज था. पुलिस ने बताया कि जेडे की हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की रिवाल्वर को नेपाल के महेंद्र नगर निवासी नैन सिंह ने दीपक को दी थी, जिसे उसने सतीश को दिया. इसके लिए कारतूस बाजपुर से लाए गए थे. सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दीपक ने बताया है कि वह लगातार छोटा राजन के संपर्क में था. उसकी बातचीत नेपाल बार्डर पर रहने वाले गनेशी राम उर्फ हनी दादा ने करवाई थी. उसने स्वीकार किया है कि उसी ने हथियार की आपूर्ति की थी.
सूत्रों ने बताया कि दीपक सिसोदिया को बुधवार को अदालत में पेशकर महाराष्ट्र पुलिस रिमांड लेकर उसे मुंबई ले जाएगी. वहां इस संदर्भ में विस्तार से पूछताछ की जाएगी. सिसोदिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है. गौरतलब है कि मिड डे के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर जेडे की 11 जून को मुंबई के हीरानंदानी क्षेत्र में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
इस हत्याकांड की जांच में क्राइम ब्रांच को उस समय भारी सफलता मिली थी जब 27 जून को उसने छोटा राजन गिरोह के शूटर एवं प्रमुख आरोपी सतीश कालिया समेत उसके सात साथियों को गिरफ्तार किया. सतीश से पूछताछ में जानकारी मिली थी कि उसे हथियार उत्तराखंड से मिला था. उसके बाद से ही मुंबई पुलिस शस्त्र आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी हेतु प्रयासरत थी.












मदन कुमार तिवारी
July 19, 2011 at 4:45 pm
अब लगता है कि कोई माफ़िया वाफ़िया नही है शामिल इस हत्याकांड में, जांच सही दिशा में नही जा रही है , एक साधारण ,३२ की रिवाल्वर के लिये मुंबई से उतराखंड आना पडे तो वह क्या खाक माफ़िया होगा । बिहार के गांव-गांव में और मुम्बई जैसे शहर मे भी बहुत आसानी से यह उपलब्ध हो जायेगा ।