: राडिया के नए टेप जारी, मची सनसनी : राडिया टेप कांड में नया मोड़ आ चुका है. कई नए टेप जारी होने से सनसनी मच गई है. सुनिए इस टेप को. इसमें नीरा राडिया जिस व्यक्ति से बात कर रही है उसे वह मंत्री जी कह रही है. साथ ही यह भी कह रही है कि… थैंक्स गॉड, कांग्रेस ने तो स्टेटमेंट इशू कर दिया, बरखा ने करवा लिया उससे. जिससे बात कर रही है राडिया, वह बोलता है- हां, वो तो मैंने देख लिया, आ गया मनीष तिवारी का. राडिया और इस कथित मंत्री की बातचीत रात में दो बजे हो रही है.
नीरा राडिया ने बरखा दत्त के लिए जो कुछ कहा है, वो क्या यह बताने को पर्याप्त नहीं है कि इस तरह पोलिटिकल रिपोर्टिंग नहीं की जाती. राजा को मंत्री बनवाने के लिए इस लाबिंग के खेल को सुनिए. इस टेप पर क्लिक करिए….












JAI KUMAR JHA
December 11, 2010 at 3:04 pm
बरखा दत्त जैसे पत्रकारों को पत्रकार कहना भी पत्रकार शब्द का अपमान होगा ………..इस देश को दुर्गन्ध से भर दिया है रतन टाटा जैसे भ्रष्ट उद्योगपतियों ने,राडिया जैसे देश और समाज को लूटने वाले गद्दारों ने तथा एक महिला पत्रकार होने की गरिमा को बेचने वाले बरखा दत्त जैसे पत्रकारों ने……….इस देश को भ्रष्ट मंत्रियों और उद्योगपतियों ने इस स्थिति में ला दिया है की अब इस देश को सिर्फ और सिर्फ अब रंडी और भडुए चला रहें हैं……….अब इस देश के हर आम नागरिक को इन भ्रष्ट मंत्रियों तथा उद्योगपतियों के खिलाप..लाठी….. डंडा….जूता…..चप्पल……उठाना ही होगा तथा ये साले जहाँ दिखे तो दे दना दन…………
madhup
December 11, 2010 at 4:17 pm
मेरी धारणा इस सन्दर्भ में कुछ अलग hai,बरखा दत्ता ,वीर सांघवी या प्रभु चावला आदि को नीरा रादिया के साथ अपने पक्ष में शामिल करने के लिए सरकारी दबाव बनाने और लाबिंग कने की सारी बातो को हम कितना नकारात्मक ले रहे hai..क्या पत्रकार अपने ज्ञान और संपर्कों का उपियोग अपने हित के लिए नहीं कर सकते या इस तरह के कामों में केवल अधिकारी वर्ग और राजनेताओं का ही एकाधिकार hai..मुझे लगता hai की यदि हम जिस तरह से पैसा कमाए उसे अपने ही देश में लगा दे तो देश का पैसा देश में ही रहेगा और ना जाने कितनों के काम भी आयेगा…विदेशी बांको में जितना धन इन छोटे बड़े राजनेताओं ने और अधिकारियों ने लगा रखा hai तो क्या उस पे ठोस कार्यवाही नहीं की जानी चाहिए…पत्रकार को कितना प्रताड़ित किया जाएगा..वो भी सिर्फ इस लिए की रास्ट्रीय राजनैतिक पार्टी की सर्वेसर्वा इस में संदिग्ध hai…क्यों नहीं पधान मंत्री ने वक्त से पहले भांप लेने के बावजूद इसकी मौन सीकृति प्रदान कर दी..अब गाल बजाने का क्या लाभ…सत्ता नहीं संस्कार बदलिए…कही ये सब रास्त्र मंडल के घोटालों के अपराधियों को बचाने की कायद तो नहीं hai…कुपिया पताकारों को बक्शे..
k.k.shukla
December 12, 2010 at 8:22 am
darasal aajadi ke baad congress netao ne kabhi rastra vaad ki bhavana ko panapne hi nahi diya.kisi bhee tarah satta me bane rehna aur moti kamai karna hi congresio ka maksad raha hai.pehle khuli economy na hone par inke paap nahi dikh pate the aab inke kale karname samne aa rahe hai. dosh tata ka nahi hai dosh des ka netratv karte aa rahe logo ka hai kyoki purani peeri se hi nai peeri sabak leti hai. Gandhi ji ne sahi kaha tha congrees ko samapt kar do.aab congress ko samapt karne ka waqt aa gaya hai. hame desh ke liya ek aur NITISH KUMAR ya NARENDRA MODI ki jaroorat hai.congress jab tak rahegi ghotale band nahi honge.
vinay kumar
December 12, 2010 at 11:12 am
Yashwantji, patrakaron ki bhasha shalin hoti hai..aapke pas jo content as comment aa rahe hain …Uski bahsa me phuhadta hai.. shram aati hai .ki patrakar aisi bhasha ka estemal karte hain.(रंडी और भडुए ).. aapse meri yahi gujaris hai ki kripa kar es tarh ke language ko apne comment me jagah na den. Umid hai ki es pr aap lagam lagayenge.
umesh kumar
December 12, 2010 at 4:44 pm
पूरे कुए मे ही भांग पडी हुई है।