छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के चिंतलनार इलाके के कुछ गांवों में सुरक्षाबलों द्वारा जमकर उत्पात मचाने तथा सैकड़ों घरों को आग के हवाले किए जाने के मामले में कुछ पत्रकारों पर भी मुकदमा दर्ज कराया गया है. पत्रकार इस घटना को कवर करने जा रहे थे. इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की बीच ठनी हुई है. सुरक्षा बलों के रवैये को लेकर लोगों में रोष भी व्याप्त है.
इस संदर्भ में डीएम ने एक जांच दल गठित किया है. जांच दल के सदस्य और दंतेवाड़ा से प्रकाशित अखबार बस्तर इम्पैक्ट के संपादक सुरेश महापात्रा के अनुसार एक गाड़ी में सवार होकर कुछ पत्रकार घटनास्थल की तरफ जा रहे थे कि तभी एक ट्रक नें धक्का मार दिया जिससे उनके वाहन को काफी नुकसान हुआ. फिर किसी तरह वह घटनास्थल पर पहुंचे.
महापात्रा ने बताया कि लौटने वक्त पुलिस की लगभग हर चेकपोस्ट पर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की गई. पत्रकारों को कहा गया है कि उनके खिलाफ ट्रक के चालाक ने मामला दर्ज किया है. पत्रकार सीधे कलेक्टर के यहाँ पहुंचे. पुलिस ने कलेक्टर के आवास परिसर से आकर वाहन को ज़प्त किया.
महापात्रा ने बताया कि इसके बाद कलेक्टर ने मुख्यमंत्री और राज्य के आला अधिकारियों से विमर्श किया, जिसके बाद सरकारी वाहन को तो छोड़ दिया गया मगर पत्रकारों पर मामला बरकरार है. हालांकि जिलाधिकारी ने इस संदर्भ में उच्चस्तरीय स्तर पर बात करके इस मुकदमें को हटवाने का आश्वासन दिया है.
हालांकि अगलगी तथा राहत पहुंचाने के मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन के बीच ठनी हुई है. सुरक्षा बलों ने दो दिन पूर्व जिलाधिकारी को भी प्रभावित गांवों में जाने से रोक दिया था.












sanjay mishra
March 26, 2011 at 4:12 pm
मुकदमा दर्ज करना कोई बड़ी बात नही है लेकिन ऐसा कौन सा बड़ा कारण था कि पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज करने कि नौबत आन पड़ी…????