: चंदन तस्करों पर शक : हिरासत में लिए गए छोटा शकील गिरोह के तीन गुर्गो के हवाले से निकल कर आ रही खबरों के अनुसार वरिष्ठ पत्रकार जेडे की हत्या के लिए जाफर कासिम नामक व्यक्ति ने सुपारी दी थी। बताया जा रहा है कि चंदन तस्करी से जुड़े एक खबर के एवज में जेडे को दस लाख रुपये की पेशकश की गई थी। जेडे के रुपये लेने से इनकार के बाद ही दुबई में बैठे जाफर ने छोटा शकील के कहने पर डे की हत्या की सुपारी दी थी।
सूत्रों के अनुसार डे के हाथ चंदन तस्करी की एक महत्वपूर्ण जानकारी लगी थी। यह जानकारी उन्हें पुलिस के ही एक मुखबिर ने दी थी, मगर बाद में इसी मुखबिर ने उन्हें चंदन तस्करी और उसमें शामिल लोगों के बारे में खबर न छापने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की थी। परन्तु डे ने पत्रकारिता के प्रति ईमानदारी दिखाते हुए रिश्वत लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद ही जेडे की हत्या की साजिश रची गई।
यह खुलासा क्राइम ब्रांच द्वारा हिरासत में लिए गए छोटा शकील के गुर्गों इकबाल हटेला, मतिन और अनवर से पूछताछ में सामने आया है। इधर, पुलिस ने जेडे की हत्या के दौरान उपयोग की गई एक मोटरसाइकिल और उसके बाद फरार होने के लिए इस्तेमाल की गई मारुति जेन कार भी बरामद किया है। हालांकि अभी तक तीनों की गिरफ्तारी को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।
वैसे जेडे की हत्या को लेकर तीन वजहों पर आशंका जताई जा रही है। सबसे प्रमुख है चंदन तस्करों और कुछ भ्रष्ट कस्टम अधिकारियों से बैर, तेल माफियाओं के खेल को सामने लाना और पुणे में रियल एस्टेट के खेल में एक ताकतवर शख्स को बेनकाब करना। जेडे की हत्या में उनके खबरी पर भी डबल क्रास करने का आरोप है। हालांकि क्राइम ब्रांच सभी दिशाओं में हाथ पैर मार रही है.
जानकारी के अनुसार 2010 में मुंबई से सटे नावा शावा पोर्ट पर चंदन की एक बड़ी खेप चोरी छुपे आने वाली थी। पत्रकार जे डे को अपने खबरियों से इसकी खबर मिली और उन्होंने इस खबर का इनपुट कस्टम विभाग में अपने भरोसेमंद अधिकारियों को दे दिया। फिर क्या था जैसे ही तस्करी का माल आया कस्टम विभाग ने उसे जब्त कर लिया। जे डे के इस इनपुट से चंदन तस्करों को 10 करोड़ का चूना लगा। 10 करोड़ के चंदन की खेप के साथ पकड़े गए लोगों से पूछताछ में अहम खुलासे हुए जिसकी बदौलत करोड़ों के चंदन की 2 और कंसाइनमेंट पकड़ी गईं।
चंदन तस्करी को लेकर जेडे के पास कई अहम जानकारियां थीं। उन्हें इसमें संलिप्त कुछ भ्रष्ट कस्टम अधिकारियों के बारे में भी काफी जानकारी इकट्ठा कर ली थी। कस्टम अधिकारियों और चंदन तस्करों के बीच चल रहे खेल और उसमें शामिल लोगों का जेडे ने एक डॉजियर बना लिया था। जेडे के पास इसकी एक साफ्ट कापी भी थी। जेडे के खबरी के सहयोग से चंदन तस्कर एवं कस्टम अधिकारियों ने उनसे समझौते की पेशकश की। जेडे को दस लाख की रिश्वत भी देने की बात कही गई, परन्तु जेडे ने इनकार कर दिया।
दूसरी तरफ क्राइम ब्रांच हत्या में तेल माफियाओं के संलिप्त होने की भी जांच कर रही है। जिनके पोल खोलकर जेडे ने दस हजार करोड़ का नुकसान पहुंचाया था। मुंबई में मिलावटी तेल का कारोबार करोड़ों का है। महाराष्ट्र में इस तेल के खेल का टर्न ओवर करोड़ों का है। पुलिस इस कड़ी को भी हत्या की साजिशों से जोड़ने की कोशिश कर रही है। इस मामले में भी उनके खबरी पर ही डबलक्रास करने का शक है कि कहीं उसने ही तो तेल माफियाओं से पैसे लेकर जेडे की खबर उन तक नहीं पहुंचाई।
जेडे की हत्या की तीसरी थ्योरी का सवाल है तो यह जुड़ा हुआ है पुणे के रियल एस्टेट माफिया से। पत्रकार जेडे ने पुणे के रियल एस्टेट के दाम में अचानक आए उछाल की पोल खोली थी। इतना ही नहीं पिंपरी चिंचवाड़ा इलाके में जमीनों की बंदरबांट और रियल एस्टेट के खेल को लेकर आरटीआई एक्टिविस्टों पर हो रहे हमलों के पीछे की खबर को भी वे सबसे सामने लाए थे। अपनी कई पोल खोल खबरों की वजह से ही जेडे ने कई ताकतवर लोगों से बैर ले लिया था। इसमें इस बिल्डर का नाम भी शामिल है। इस पर भी शक की सुई जा रही है। इस खबर की वजह है क्राइम ब्रांच द्वारा पुणे से अनवर को हिरासत में लिया जाना।
पुलिस तीनों थ्योरियों पर काम कर रही है। पर हत्या के मामले में सबसे पुष्ट थ्योरी चंदन तस्करों के बारे में आ रही है। पुलिस चंदन तस्करों को ही ध्यान में रखकर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। खबर है कि हिरासत में लिए गए तीन लोगों में एक या दो को पुलिस पूछताछ के बाद छोड़ सकती है। जेडे की हत्या में अपराधी से लेकर भ्रष्ट कस्टम तथा पुलिस अधिकारियों के भी संलिप्त होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल इस हत्या को किसने अंजाम दिया यह तो पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा।












vinod mahajan
June 16, 2011 at 9:29 am
agar ye baat sach hai to vastav mai is mahan paterkar ko salam sachi shardanjali ke sath
manish dubey
June 16, 2011 at 10:31 am
criminal to criminal hain , unke liye kya journalist , kya mid day . par yahan agar hatya ka karan 10 lakh rupaye hain to nischit taur par maan liujiye j.day ki hatya me jis police adhikari ke shamil hone ke kayas lagaye ja rahe the sayad wo sach ho ! manish dubey -new delhi
भारतीय नागरिक
June 16, 2011 at 4:26 pm
कुछ ठोस कार्रवाई हो.
ravishankar vedoriya
June 17, 2011 at 11:00 am
maharatra sarkar ko ese logo ki kilaph kadi karyawahi karni chahiye