Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सम्मान

‘द न्‍यू क्रूसेडिंग गाइड’ को मनमोहन सिंह ने दिया कुलिश पुरस्‍कार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूरचन्द्र कुलिश की स्मृति में प्रिंट मीडिया का “के.सी.कुलिश अन्तरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार-2009” प्रदान किया। इस बार यह पुरस्कार अफ्रीकी देश घाना के दैनिक “द न्यू क्रूसेडिंग गाइड” की टीम को प्रदान किया गया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूरचन्द्र कुलिश की स्मृति में प्रिंट मीडिया का “के.सी.कुलिश अन्तरराष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार-2009” प्रदान किया। इस बार यह पुरस्कार अफ्रीकी देश घाना के दैनिक “द न्यू क्रूसेडिंग गाइड” की टीम को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पेड न्यूज के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त की। होटल ताज पैलेस में शाम को आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घाना की विजेता टीम को 11 हजार अमरीकी डॉलर की राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए घाना के दैनिक “द न्यू क्रूसेडिंग गाइड” की टीम को चुना गया था। इसके अतिरिक्त दुनिया के विभिन्न देशों से मिली प्रविष्टियों में से सात टीमों को मेरिट अवार्ड दिया गया।

पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी एल जोशी, सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी, भूतल परिवहन मंत्री सी पी जोशी, सचिन पायलट , नमोनारायण मीणा, सहित अनेक केंद्रीय मंत्री , सांसद, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेशी राजनयिक व विभिन्न गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

दैनिक अखबारों में पत्रकारों की टीम की ओर से किए गए बेहतरीन काम को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार राशि के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार है।

रचनात्मक बहस को बढ़ावा दे मीडिया: पीएम

प्रधनमंत्री ने कहा कि मैं पत्रिका और उसके मैनेजमेंट को जर्नलिज्म के क्षेत्र में एक अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित करने के लिए बधाई देता हूं। मैं “द न्यू क्रूसेडिंग गाइड” के उन पत्रकारों को भी बधाई देता हूं, जिनको आज यह तीसरा के. सी. कुलिश पुरस्कार मिल रहा है। यह हम सबके लिए विशेष प्रसन्नता की बात है कि राजस्थान पत्रिका का यह अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कार अफ्रीका के पत्रकारों को मिला है।

पीएम ने कहा कि हिन्दी और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं का जर्नलिज्म भारत की सामाजिक असलियत को ज्यादा अच्छी तरह से पेश करता है। उन्होंने “हरिजन” और “आनन्द बाजार पत्रिका” जैसे अखबारों का हवाला देते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में और उसके बाद राष्ट्र निर्माण के काम में हिन्दी और दूसरी भारतीय भाषाओं के प्रेस ने संवेदनशील होकर अपनी जिम्मेदारी खूब निभाई है और भारतीय समाज का मार्गदर्शन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मे अंग्रेजी, हिन्दी और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं के 2,000 से भी ज्यादा अखबार हैं। साप्ताहिक अखबारों की संख्या भी 3,000 से अधिक है।

उन्होंने पेड न्यूज के चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि यह हम सबके लिए चिंता की बात है कि कुछ पत्रकार और संपादक छोटे फायदों के लिए उस समय अपनी गरिमा भूल जाते हैं। पेड न्यूज जैसी बातें मीडिया की इज्जत कम करती हैं। कभी-कभी खबरों को सनसनीखेज बनाने के लालच में हमारे कुछ पत्रकार भाई-बहनों को यह ख्याल नहीं रहता है कि असलियत को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से हमारे समाज को बहुत नुकसान भी पहुंच सकता है। मुझे याद है कि अमरीका के एक प्रसिद्ध जर्नलिस्ट वॉल्टर लिपमैन ने एक बार कहा था कि “फैक्ट्स आर सेक्रेड एंड ओपिनियन इज फ्री, आई थिंक दैट होल्ड्स वैलिड इवन टुडे फॉर द मीडिया।” मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में मीडिया से सम्बंधित सभी लोग इन कमियों को दूर करने की पूरी-पूरी कोशिश करेंगे।

वट वृक्ष बन गया छोटा-सा बिरवा : जोशी

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी एल जोशी ने कहा कि कुलिश जी ने राजस्थान निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से राजस्थान में सूचना समाचार, सूचना, विवेचना एवं सामयिक घटनाओं को जानने की ललक पैदा की। यह एक बड़ी बात थी कि तत्कालीन राजस्थान जिसमें प्रगतिशीलता के नाम पर बहुत कुछ नहीं था, वहां के निवासियों में उन्होंने इसके लिये उन्होंने हिन्दी समाचार पत्र का एक छोटा “बिरवा” रोपा, जो समय के साथ-साथ आज एक विशाल “वट-वृक्ष” बन गया है। स्व. कुलिश जी सामाजिक सरोकार से जुड़े थे और उन्होंने अपने संसाधनों का उपयोग समाचार पत्र निकालने में किया, जो उस समय उद्योग कम जन-सेवा अधिक थी। यदि कुलिश जी चाहते तो अपने संसाधनों को ऎसे उद्योग धन्धों में लगा सकते थे जिनसे मुनाफा शीघ्र और पर्याप्त मात्रा में मिल सकता था, किन्तु उन्होंने समाचार पत्र निकालना श्रेयस्कर समझा।

आवश्यक बौद्धिक खुराक है पत्रकारिता : कोठारी

तृतीय केसीके अर्वाड के मौके पर पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने कहा कि पत्रकारिता आज की जीवनशैली में एक आवश्यक बौद्धिक खुराक बन गई है। सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना तंत्र का विस्तार व्यक्ति की क्षमता से बाहर निकलता जान पड़ता है। तंत्र की संवेदनशीलता भी आज धराशायी हो गई। जिस गति से सूचना का प्रसारण होने लगा है, उस गति से उसे वापस नहीं लिया जा सकता। विकिलीक्स ने सूचना तंत्र को जिस तरह का झटका दिया, उसने तो खुफिया तंत्र को भी नाकारा साबित कर दिया। यह आपराधिक गतिविधियों का केन्द्र बिन्दु बन गया। सूचना के साथ जुड़ी सामाजिक शिक्षा मीडिया तंत्र से बाहर हो गई। मनोरंजन का हावी हो जाना मीडिया की भावी आपराधिक भूमिका का ही संकेत है।

पेड न्यूज के बढ़ते चलन पर कोठारी ने कहा कि जो रिपोर्ट प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया ने “पेड न्यूज” के मुद्दे पर प्रकाशित की, वह इस बात का प्रमाण है कि बड़े-बड़े समाचार-पत्र समूहों के लिए अपने-अपने स्वार्थो के आगे देश और लोकतंत्र गौण हो गया। लेकिन राजस्थान पत्रिका समूह इसका अपवाद कहा जा सकता है। जहां इसकी बराबरी वाले लगभग सभी पत्रों के नाम हैं, पत्रिका का नाम इस रिपोर्ट में नहीं है। लोकतंत्र इससे गौरवान्वित नहीं होता? इस अवसर पर जनाब बशीर बद्र का एक शेर याद आता है –

तुम्हारे शहर के सारे दीये तो सो गए कब के,
हवा से पूछना, दहलीज पर ये कौन जलता है।

इसी दीये का नाम राजस्थान पत्रिका है। पत्रिका का संकल्प सदैव इसी दीये की भूमिका में जीना है। इसीलिए हम पत्रिका को “द न्यूज पेपर विद् ए सोल” कहते हैं। इसीलिए हम पाठक नहीं, परिजन तैयार करते हैं। इसी विश्वास के कारण माननीय न्यायाधीश गण हमारे समाचारों को रिट मान लेते हैं।

केसीके अवार्ड का निर्णायक मण्डल- प्रविष्टियों के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मण्डल मे न्यूयॉर्क टाइम्स के इंटरनेशनल व सम्पादकीय विभाग की उपाध्यक्ष ग्लोरिया एंडरसन, ख्यातनाम खोजी पत्रकार एस गुरूमूर्ति, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार अलघ व राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी शामिल थे। साभार : पत्रिका

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...