हमार टीवी छोड़ने के बाद विजय पांण्डेय ने एक्टिंग और डायरेक्शन के क्षेत्र में कदम रख्ा दिया है. वे अब महुआ पर प्रत्येक शनिवार प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘बिहार एक खोज’ का निर्देशन कर रहे हैं. यह एक ट्रैवेल शो है. इसमें बिहार के धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों के साथ यहां के स्वादिष्ट और मशहूर खानों से दर्शकों को रू-ब-रू कराया जाता है.
आठ साल तक रंगमंच पर देश के नामीगिरामी निर्देशकों अजीत गांगुली, अर्पित अरुण, अरुण सिन्हा, आरपी तरूण, विजय कुमार, रणधीर कुमार, पुंज प्रकाश मुनचुन, अरविंद पाठक, शशि भूषण, पंकज त्रिपाठी जैसे एनएसडी के ट्रेंड लोगों के साथ काम करने के पश्चात वे हमार टीवी से जुड़े थे. विजय रंगमंच पर बकरा किस्तों का, राग दरबारी, सैंया भये कोतवाल और पंच लाइट जैसे चर्चित नाटकों में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं. भोजपुरी फिल्मों में भी विजय अपने अभिनय का जौहर दिख चुके हैं. वे भोजपुरी फिल्म ‘गंगा के पार सइयां हमार’ तथा हिंदी फिल्म ‘बनारस-1918 एक प्रेम कहानी’ में भी काम कर चुके हैं.
दूरदर्शन के धारावाहिक ‘सांची पिरितिया’, ‘तोहरे से घर बसाइब’ में अभिनय किया है. ईटीवी के चर्चित गेम शो ‘गलियों के राजा’ के लिए एंकरिंग तथा ईटीवी के ही मशहूर धारावाहिक ‘मिसेज भाग्यशाली’ का निर्देशन भी कर चुके हैं. विजय ने पवन सिंह, छैला बिहारी, देवी, भरत शर्मा, छोटू छलिया जैसे चर्चित लोक गायकों के 80 से ज्यादा भोजपुरी वीडियो एलबमों का निर्देशन किया है. उन्होंने विदेशों में भी कई टेली फिल्मों का निर्देशन किया है.
हमार टीवी की लांचिंग टीम के सदस्य रह चुके विजय ने यहां ‘बड़का बकलोल’, ‘बात संभाल के’, ‘जय शनिदेव’, ‘काल चक्र’, ‘राग रंग’ जैसे कार्यक्रमों को प्रोड्यूस किया. विजय के पास ‘बिहार एक खोज’ के अलावा कई चैनलों के लिए अच्छे प्रस्ताव आए हैं. जिसमें एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों शामिल है. एक हिंदी फिल्म का भी प्रस्ताव विजय के पास है. इन्हें खलनायिकी और हास्य भूमिकाओं में महारत हासिल है.












kunwar chandra p. singh
January 9, 2011 at 7:04 am
vijay bhai apko sabse pahale naye shal ke dehro badhai…….aap apne karyo ko bakhoobi anjaam de sakste hai…par eske ieye apko bahudhandhi andaj ko apne se dur rakhana hoga…….aap apne jeevan mea kaamyabi hasheel karate rahe yahi hamari kamana hai…..kunwar
एस के सिंह
January 8, 2011 at 9:13 pm
पत्रकारिता में कब थे….. विजय पांडे……
पत्रकारिता के प पता है चले हैं बात करने,,,,,,
अब कोई नचनिया अपने आप को पत्रकार कहने लगे तो इससे बडी शर्म की बात पत्रकार समाज के लिये हो ही नही सकती है,,,,,
साधुवाद………..
shweta jaya
January 8, 2011 at 5:16 pm
विजय जी….मुझे नही पता आपने बॉलिवुड में कितने काम किये हैं…पर इतना ज़रूर कहूंगी कि आप में वो क्षमता है कि आप भोजपुरी के क्षेत्र में एक अच्छा और अनुसरणीय मुकाम हासिल कर सकते हैं….और जहां तक महुआ के किसी कार्यक्रम के डायरेक्शन की बात है तो मुझे लगता है कि उनके पास अच्छे डायरेक्टर्स की कमी है…जो कि उनके हल्के कार्यक्रमों में दिखता है….इसलिये अब ये कमी पूरी हो जायेगी…आप से बहुत उम्मीदें है…keep it up…n just do something really good and inspirable…best of luck…rock….
Pandit Dhananjay Duubey , Jyotish Shiromani (Gold Medalist)
January 6, 2011 at 3:13 pm
yah to hona hi tha , kisi ki kabliyat ko kahi badha nahi ja sakta hai
lekin ab vijay ji ke liye samay aa gaya hai ki apne kaabliyat , hunar aur soch ke naya andaz se Desh , Bihar aaur Khud aapan Naam Roshan karey …Hmari shubhkamna Hamesha unke saath hai …..Pandit Dhananjay Duubey,Jyotish Shiromani (Gold Medalist) http://www.dhananjayastrologer.blogspot.com
DILIP SINGH
January 6, 2011 at 1:45 pm
तु अनमोल रहा हूँ……
है
दिल की बात तुझसे मगर खोल रहा हूँ
मैं
चुप्पियों में आज बहुत बोल रहा हूँ
सांसों
में मुझे तुझसे जो एक रोज मिली थी
वो
खुश्बूयें हवाओं में अब घोल रहा हूँ
अब
तेरी हिचकियों ने भी ये बात कही है
मैं
तेरी याद साथ लिये डोल रहा हूँ
सोने
की और न चांदी की मैं बात करुंगा
मैं
दिल की ही तराजू पे विजय तोल रहा हूँ
चाहो
तो मुहब्बत से मुझे मुफ्त ही ले लो
वैसे
तो शुरु से ही विजय तुम अनमोल रहा हूँ
दिलीप सिंह
vikash
January 6, 2011 at 12:24 pm
bahut bahut mubarak apko..
vikash singh
amit chhabra
January 6, 2011 at 7:16 am
Many congrats Vijay Jee.
Jaisa Ki Neeraj Jha ne likha hai, maine bhi apni career ki shuruat me hi Vijay ji ke saath kaam kiya hai, Main bhi galiyon ka raja ke saath shuru se tha. Meri taraf se Vijay ji ko dheron shubhkamnayein.
Congrats again
Amit Chhabra
Jansandesh
Neeraj Jha
January 5, 2011 at 3:13 pm
Badhai Ho Vijay Ji..
Vijay Ji hamare achhe mitra hai aur unse hamaari bahut purani kai yaadein judi hain.. Apne Career ke shuruat mein hi Maine kareeb 2 saal unke saath kaam kiya aur mere hisaab se wo ek umda kalaakar hain.. Acting ke allawa unhe jo bhi kaam mila hai, chahe wo production ho ya phir direction unhone apna kaam bakhubi nibhaya hai..
Ek baar phir se aapko apne bhai ki taraf se badhai aur inshallah future mein phir ek saath zaroor kaam kareinge
Neeraj Jha
Ten Sports
Manoj Bhawuk
January 5, 2011 at 3:12 pm
भाई विजय पाण्डेय में मै नाजीर हुसैन को देखता हूँ. कामेडी में जो टाइमिंग और सेन्स हैं.उसको मेंटेन करने और स्वाभाविक हास्य पैदा करने की प्रतिभा इनको जन्मजात मिली है. हम दोनों ने कालिदास रंगालय,पटना में दर्जनों नाटक साथ में किये है. भोजपुरी के प्रथम धारावाहिक सांची पिरितिया में भी हम दोनों साथ थे. मेरी कहानी पर पटना दूरदर्शन से २००१ में एक धारावाहिक टेलीकास्ट हुआ था – ‘ तहरे से घर बसाएब ‘ . मैंने हीं पटकथा,संवाद व गीत भी लिखे थे. विजय वहाँ भी मुख्य भूमिका में थे. मैंने विजय को किरदारों को जीते हुए देखा है. उनमें बहुत संभावना है. निर्देशन के क्षेत्र में भी उनका विजुअलाइजेशन कमाल का है. विजय ने अपने बेहतरीन निर्देशन से हमार टीवी से प्रसारित डोमेस्टिक विहैवियर पर आधारित मेरी कई कहानियों को धारावाहिक ‘ बात संभाल के’ में एक नया आयाम दिया है. मै विजय के अभिनय व निर्देशन दोनों का प्रसंशक हूँ और मुझे पूरा उम्मीद है कि बालीवुड में वह खुद को स्थापित करने में सफल होंगे. मेरी हार्दिक शुभकामना.
– मनोज भावुक
krishna kumar kanhaiya
January 5, 2011 at 2:11 pm
बधाई हो…विजय जी….
shalini singh
January 5, 2011 at 11:10 am
सर आप तो छा गये… खूब बिहार भ्रमण कीजिए और बिहार का जयका लीजिए…
mrityunjay srivastava
January 5, 2011 at 8:14 am
जोरे कमाल और ज्यादा …
नववर्ष की मंगलमयी शुभकामनाओं के साथ
आपका अपना
मृत्युंजय साधक
mrityunjay srivastava
January 5, 2011 at 8:11 am
जोरे कमाल और ज्यादा
आपका अपना
साधक मृत्युंजय
anshuman
January 5, 2011 at 7:08 am
वाह वाह विजय पांडे जी। क्या जबरदस्त करियर रहा है आपका। आपके जैसा बड़का बकलोल…मेरा मतलब है बड़का बकलोल जैसे जबरदस्त कार्यक्रम का प्रोड्यूसर अब अपनी असली जगह पहुंच गया है। यानी कि मायानगरी में। जहां आपको अपनी प्रतिभा का समुचित प्रयोग करने का मौका मिलेगा। ईश्वर आपको दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की दे। ताकि हम जैसे छोटे लोग किसी बड़े से पोस्टर के नीचे खड़े हो के अपने बच्चों से एक दिन कह सकें…कि ये जो तुम बड़े से पोस्टर पर सुपर स्टार को देख रहे हो ना। कभी वो मेरा दोस्त हुआ करता था…और बच्चा बोले पापा आप मजाक अच्छा कर लेते हैं।
Kumar Sambhav
January 5, 2011 at 6:56 am
Vijaji Nai Pari ke liye Dhero shubhkamnaye…..wase mai aap ko television se nahi chorne wala …….. hum jaison ko thoda waqt dijiyea ga…..bihar ek khoj me aap ke saath kaam karke bada maja ayea……aap ke liye wo sher arj kiyea hai
Safar me dhoop to hogi chal sako toa chalo
sabhi hain bhid me tum bhi nikal sako toa chalo…
aap bhid me nahi hain is baat ki khushi mujhe hai…..
ek baar phir se dhanyabad
Sambhav
Mahuaa
ajay kumar singh
January 4, 2011 at 2:45 pm
vijay jee abhi tak aapk apni patibha ka jalwa dikhane ka mauka nahi mila tha.aaj ye mauka mila aapna jalwa bikher kar chor do.aapka dost ajay
Abhishek suman
February 26, 2011 at 3:18 pm
bhaiya best of luck ……………….
dharmvir Singh
April 20, 2011 at 9:13 am
bahut bahut mubarak apko..
Nisha
April 28, 2011 at 6:47 am
Bahaut bahaut mubarak ho ki apne apne career ko aur nikharne ka mauka mila. meri wish apke sath hamesha rahegi.
GOD BLESS U 🙂