वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार तेजपाल सिंह ‘धामा’ को मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में क्रांतिकारी इतिहासकार की संज्ञा देते हुए सम्मानित किया गया. महाराष्ट्र आर्य प्रतिनिधि सभा एवं मुंबई आर्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक स्थल काकावाड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के प्रसिद्ध उद्योगपति मिठाईलाल सिंह जी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी लधाभाई जी पटेल ने श्री धामा को शॉल, श्रीफल, पुष्प हार एवं 25 हजार रुपए की राशि के चेक से सम्मानित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम का संचालन पंडित देवदत्त शर्मा एवं अध्यक्षता उद्यमी अरुणजी अब्रोल ने की. उल्लेखनीय है कि काकावाड़ी आर्य समाज की स्थापना महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने हाथों से विश्व की सर्वप्रथम आर्य समाज के रूप में की थी, जिसके सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के अंतर्गत हवन-यज्ञ, ओम ध्वजारोहण, ऋषि लंगर, भजन-कीर्तन, उपदेश एवं सम्मान समारोह आदि का आयोजन हुआ.

सम्मान समारोह के दौरान समाजसेवी सतीशचंद्र गुप्ता ने श्रीधामा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तेजपाल सिंह धामा एक क्रांतिकारी इतिहासकार हैं और इन्होंने कई दर्जन उत्कृष्ट पुस्तकों की रचना करके एक नया कीर्तिमान बनाया है. देवदत्त शर्मा ने कहा कि आर्य संन्यासी स्वामी विद्यानंद विदेह से संबद्ध दैनिक विराट वैभव के पत्रकार श्रीधामा की रचनाओं में इतिहास की अनसुलझी गुत्थियों को तर्कपूर्ण ढंग से हल किया गया है. हमारी विरासत एवं भाग्यनगर का कैदी ऐसे शोधपूर्ण ग्रंथ हैं, जिनके माध्यम से इतिहास के कई अनसुलझे तथ्य सुलझाए गए हैं.
कार्यक्रम में श्रीधामा के अलावा लधाभाईजी पटेल को आर्यश्रेष्ठ सम्मान से सम्मानित किया गया कार्यक्रम में अश्विन, करसनदास जे राणा, देशबंधु शर्मा, राघवभाई पटेल, राजेंद्रनाथ पांडेय, महावीर शर्मा, विजय कुमार गौतम, सतीशचंद्र गुप्ता आदि समेत सैकड़ों गणमान्य महानुभव उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि गत 23 मार्च को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के साथ-साथ मूव संस्था के अध्यक्ष विमल वधावन एवं योगाचार्य गायत्री ने भी श्रीधामा को सम्मानित किया था.












vikram suryawanshi
April 8, 2011 at 5:40 am
Dear dhaamaji, bahut-bahut badhaai. lekin kyaa yaar achaanak chale gaye. mai apko bahut miss kartaa hu.