सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार हेमचंद्र पांडेय तथा नक्सली नेता चेराकुड़ी राजकुमार उर्फ आजाद के एनकाउंटर की कड़ी आलोचना की है. कोर्ट ने केन्द्र सरकार और आंध्र प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी किया है. इस मामले में पत्रकार हेमचंद्र की पत्नी बबीता पांडेय सहित तीन लोगों ने याचिका दायर की थी.
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस आफताब आलम ने कड़ी आलोचना की. कहा कि हमारा गणतंत्र अपने ही सपूतों की हत्या का बोझ बर्दाश्त नहीं कर सकता. उन्होंने नोटिस जारी करते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि सरकार की ओर से इस मामले में ठोस जवाब मिलेगा.
गौरतलब है कि इन दोनों को आंध्र पुलिस ने पिछले साल जुलाई में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की सीमा पर एनकाउंटर में मार गिराया था. जिसके बाद इस पूरे एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए हेमचंद्र पांडेय की पत्नी बबीता पांडये, सामाजिक कार्यकर्ता अग्निवेश एवं वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट से न्यायिक जांच कराने की मांग की थी.












Jasbir Chawla
January 14, 2011 at 1:09 pm
shahabuddin ke mamle ke saman Supreme Court ko iss case me monitoring karna chahiye.
kamal kumar
January 14, 2011 at 11:32 am
सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से उम्मीद जगी है,कि न्याय अभी जिंदा है। हेम के हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए।
Jasbir Chawla
January 14, 2011 at 10:30 am
Aazad-Hemcndra Pande ki maut ki jaanch Shahabuddin Encounter ki jaanch ke samaan Suprme Court ki nigrani me hona chahiye.