दैनिक जागरण, धनबाद एवं इस यूनिट से जुड़े जिलों के विज्ञापन कर्मी एवं क्षेत्रीय रिपोर्टर परेशान हैं. जागरण प्रबंधन के पैसा-पैसा चिल्लाने से उनके हलक सूखे हुए हैं. नए साल पर इन लोगों ने विज्ञापन के नाम पर पैसा उगाह कर जागरण को दिया. उसके बाद 26 जनवरी पर भी किसी तरह जितना संभव हुआ इनलोगों ने पैसा वसूल कर दिया. अब इन पर जागरण, धनबाद के नवम स्थापना दिवस पर विज्ञापन लाने का दबाव भी डाल दिया गया है.
बेचारे परेशान हैं, अब किसको पकड़ा जाय, किससे वसूली की जाए. 13 फरवरी को जागरण अपना नौवां स्थापना दिवस मना रहा है और विज्ञापन का प्रकाशन भी इसी दिन किया जाना है.













kkp
January 31, 2011 at 12:29 pm
yehi haal,jamshedpur aur ranchi walon ka bhi hai….kab sudherenge yeh log