टूजी स्पेक्ट्रम आबंटन मामले में सोमवार को लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष दो वरिष्ठ पत्रकार मनु जोसेफ और विनोद मेहता पेश हुए. दोनों संपादकों ने टूजी मामले से जुड़े राडिया टेप के अंशों को प्रकाशित किया था. पेशी के बाद पीएसी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि समिति के समक्ष ओपेन के संपादक मनु जोसेफ और आउटलुक के संपादक विनोद मेहता पेश हुए.
जोशी ने कहा कि संपादकों ने समिति को बताया है कि टेप की प्रामाणिकता जांच करने और बोलने वालों की आवाज की पहचान के बाद ही इसे प्रकाशित किया गया था. इसका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं बल्कि पत्रकारिता की जिम्मेदारी का निर्वाह करना था. यह पूछे जाने पर कि क्या समिति उन पत्रकारों को भी बुलाएगी, जिनके नाम राडिया टेप में हैं? जोशी ने कहा कि जो भी फैसला लिया जाएगा आमसहमति से लिया जाएगा. मामले से जुड़े कारपोरेट जगत के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि कुछ कंपनियों ने कैग की रिपोर्ट के बारे में समिति के समक्ष अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें रिपोर्ट के संदर्भ में कुछ आपत्ति जताई गई है.
जोशी ने कहा कि रिलायंस और टाटा समेत चार-पांच कंपनियों ने कैग की रिपोर्ट के बारे में समिति के समक्ष अपनी आपत्ति व्यक्त की है. कंपनियों की इन आपत्तियों को लेकर समिति ने कैग, दूरसंचार विभाग, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से जवाब मांगा है. समिति के सदस्य एनके सिंह इस बैठक में उपस्थित नहीं थे, क्योंकि राडिया टेप में उल्लेख होने के कारण उन्होंने इस प्रकरण की सुनवाई से स्वयं को अलग रखने का आग्रह किया था, जिसे पीएसी ने मान लिया.
पीएसी के सामने पेशी के बाद विनोद मेहता ने संवाददाताओं से कहा कि समिति द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण मैंने दे दिए हैं. पूर्व में मुझसे टेप उपलब्ध कराने को कहा गया था, जिसे देने से मैंने इनकार कर दिया लेकिन अगर उन टेप के बारे में कोई विशिष्ट सूचना मांगी जाती है तो मैं उपलब्ध कराऊंगा.












shyam jatav
March 17, 2011 at 4:25 pm
Radiya ki vajh se press badnam hui h. aisi radiya ko desh nikala dena chaiye