2जी स्पेक्ट्रम आबंटन घोटाले की खबर ब्रेक करने वाले पत्रकार जे गोपीकृष्णन मंगलवार को लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष पेश हुए. उन्होंने पीएसी महत्वपूर्ण साक्ष्य दिए. संभावना है कि आने वाले कुछ दिनों में पीएसी कारपोरेट लॉबीस्ट नीरा राडिया समेत कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को अपने सामने उपस्थित होने का फरमान सुना सकती है.
बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली पीएसी ने ‘द पायनीयर’ के विशेष संवाददाता जे गोपीकृष्णन से पूछताछ की तथा उनके बताए साक्ष्यों को दर्ज किया. पीएसी ने यह भी जानना चाहा कि इस मामले में किसने दस्तावेजी साक्ष्य दिए, जिसके आधार पर उन्होंने 2जी घोटाले से संबंधित खबरें प्रकाशित कीं. हालांकि गोपीकृष्णन ने पीएसी को पत्रकारीय मानकों का हवाला देकर साक्ष्य उपलब्ध कराने वाले का नाम बताने से इनकार कर दिया.
इसके बाद जोशी ने समति के दूसरे सदस्यों से इस मसले पर ज्यादा दबाव डालने से मना कर दिया. गोपीकृष्णन ने ही कथित अनियमिताओं को लेकर कई खबरें प्रकाशित की थीं. इस मामले को उनके द्वारा जोरदार तरीके से उठाने के बाद ही मीडिया में इसे लेकर हलचल मची थी. गोपीकृष्णन से दस्तावेजों की विश्वसनीयता को लेकर भी कई सवाल पूछे गए. उनसे जानने की कोशिश की गई की यह साक्ष्य कितने सही और विश्वसनीय हैं. ये पहले वरिष्ठ पत्रकार हैं जिन्हें पीएसी ने अपने समक्ष पेश होने के लिए कहा था. समिति के सदस्यों ने उनसे यह भी पूछा कि क्या उन्होंने तत्कालीन संचार मंत्री ए राजा से मुलाकात की थी. जिस पर उन्होंने राजा से मुलाकात करने की पुष्टि की.











