: अन्य हमलावरों की तलाश में छापेमारी : रायगढ़ में मामूली बात पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष के साथ कुछ युवकों ने जमकर हाथापाई की. उन्हें गालियां भी दीं. वरिष्ठ पत्रकार के साथ अभद्रता की सूचना पर नगर का मीडिया हतप्रभ हो गया. मौके पर पहुंचकर गुस्साए लोगों ने पुलिस के ख्रिलाफ नारेबाजी भी की. कोतवाली पहुंचकर भी प्रदर्शन किया. पुलिस ने तीन आरोपी युवकों को पकड़ लिया है. आधा दर्जन और युवकों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.
वरिष्ठ पत्रकार एवं अमृत संदेश के ब्यूरोचीफ वासुदेव मोदी के भाई पुरूषोत्तम मोदी अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर आ रहे थे. इसी दौरान शांति लाज के सामने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से आ रहे चांदनी चौक के मोहम्मद आवेश और उसके साथियों ने ठोकर मार दी. जिससे पुरूषोत्तम मोदी गिर गए. अपने भाई को गिरा देख चेम्बर में बैठे प्रेस क्लब के अध्यक्ष वासुदेव मोदी बाहर आ गए तथा लड़कों को तरीके से बाइक चलाने को कहा.
वयोवृद्ध पत्रकार की यह बात उन युवकों को इतना नागवार गुजरा कि वो वासुदेव मोदी के साथ बदतमीजी करने लगे. जातिवाद एवं अन्य भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे. इसके बाद आवेश ने फोन से अपने कई साथियों को बुला लिया. इसके बाद आवेश और उसके साथियों ने चेम्बर में घुसकर वासुदेव मोदी के साथ मारपीट की. उनके कपड़े फाड़ दिए.
इस घटना की सूचना मिलते ही प्रेस क्लब सचिव दिनेश मिश्रा, पत्रकार गणेश अग्रवाल, अजयदीप बेरीवाल, नरेश शर्मा, प्रवीर जयसिंह, चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल, भाजपा नेता रोशन लाल अग्रवाल समेत प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के दर्जनों लोग वहां पहुंच गए. सभी ने इस घटना की निंदा की.
इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे सीएसपी टीएस ख्वाजा से पत्रकार तथा व्यापारियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की. आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की. इसके बाद लोग कोतवाली पहुंच गए, वहां भी प्रदर्शन किया. सूचना पर एसपी राहुल शर्मा भी कोतवाली पहुंच गए तथा आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया. तब जाकर लोग शांत हुए.
पुलिस मुख्य आरोपी मोहम्मद आवेश सहित कुछ लोगों को पकड़ कर थाने ले आई. अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है. आरोपियों के विरूद्ध तीन अलग-अलग मामलों में मुकदमा पंजीकृत किया गया है.












Rajeev Verma (Kanpur)
March 12, 2011 at 6:22 am
doshiyo ko sakht se sakht saza di jani chahiye, or [b]traffic low ke antargat +jatigat tippadiyan kar ke sampradayik mahul bigane ka prayas karne+jatigat tippadiya karke ek wayowradh nagrik ko mansik pratadna pahuchane[/b] ki saza milni chahiye….. tabhi dobara koi bhi aisi harkat karne se pehle 10 baar sochega……>:(>:(>:(>:(>:(>:(>:(>:(
santosh jain,raipur
March 12, 2011 at 8:26 am
galti karne ke baad dosto ko bulana ,yah darsata hai ki ye sanghtit giroh ke log hai,police ki bhoomika se pata chalega ki asliyat kya hai?chattishgarh me 2 mah me patrakaro par hamle ka yah teesra mamla hai;polish aour gundo ke gath bandhan ko benakab karna jaroori hai,varna ham ek ek kar ke mare jayenge’