देहरादून। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण कार्यालय के कर्मचारी द्वारा फरियाद लेकर आए विकलांग पत्रकार के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग को लेकर उत्तराखण्ड पत्रकार परिषद के महामंत्री सुधीर गोयल के नेतृत्व में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी.एस. मार्तोलिया से भेंट कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रकरण मे आरोपी कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
गौरतलब है कि 28 अक्टूबर 2010 की दोपहर अपने मित्र के कार्य के संबंध में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण कार्यालय में देहरादून से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक संजीव शर्मा गए थे। कार्यालय में मौजूद प्राधिकरण के कर्मचारी मेघराज क्षेत्री से उन्होंने कुछ जानकारी मांगी तो क्षेत्री अचानक भड़क गए और अभद्र भाषा का उपयोग कर कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहने लगा। न जाने पर धक्के मारकर बाहर निकालने की धमकी दी। कर्मचारी की इस हरकत का विरोध करने पर वह आवेश में आ गया और गाली गलौच करते हुए कार्यालय में पत्रकार को लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया।
पत्रकार विकलांग होने के कारण मारपीट का विरोध ना कर पाया और जमीन पर गिरकर दर्द से छटपटाने लगा। कुद देर बाद प्रार्थी ने संयमित होकर प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति शंभूनाथ श्रीवास्तव के सम्मुख अपनी शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। कल उत्तराखण्ड पत्रकार परिषद समेत विभिन्न पत्रकार संगठनों ने विकालांग पत्रकार के साथ हुई मारपीट की भर्त्सना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से कार्यवाही करने की मांग की। श्री मार्तोलिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी भास्कर शाह को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये। पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना नेहरू कॉलोनी में आरोपी के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।












gulshan saifi
November 5, 2010 at 1:26 am
bhai ye hai india ka kanoon