संपादक, भड़ास4मीडिया, महोदय, आपके पोर्टल पर कई चिटफंड कंपनियों के नाम, उनकी करतूत और उनके खिलाफ हो रही कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाहियों की खबर छपी है पर आपने न जाने क्यों बीपीएन का नाम गोल कर दिया. सही कहा जाए तो मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा चिटफंड माफिया यह बीपीएन वाला ही है. इसके मालिक का नाम है वकील सिंह बघेल. इसकी कंपनी बीपीएन एलायड और बीपीएन रीयल इस्टेट पर भी मुकदमें दर्ज हैं.
इसके मालिक बघेल पर दो हजार रुपये का इनाम पुलिस ने घोषित कर रखा है. पुलिस की पकड़ से बचने के लिए यह आदमी फरार हो चुका है. यह शख्स मसाले और रीयल इस्टेट के नाम पर लोगों के पैसे अपने यहां निवेश कराता है. यह बीपीएन आटा, बीपीएल मसाले, बीपीएल सूजी, बीपीएल चोकर आदि बेचता है. यह ग्वालियर, इंदौर, झांसी में लोगों का करोड़ो रुपये का चूना लगा चुका है. अगर यह सचमुच सही व्यक्ति है तो इसके अखबार बीपीएन टाइम्स के 9 एडिशन की आर्थिक जांच करा लें. इससे पता चल जाएगा कि इसने केवल तीन साल में नौ एडिशन कैसे खोल लिए और उनका मंथली पेमेंट कहां से पैसा लाकर करता है. इस लेटर एक साथ एक कटिंग भी संलग्न है, अनुरोध करूंगा कि उसे भी प्रकाशित कर दें.
आपका
अभिषेक
ग्वालियर
चिटफंडियों को अदालत ने भी मारा चाबुक… होगी इनकी सीबीआई जांच.. खबर पढ़ने के लिए नीचे प्रकाशित खबर पर क्लिक कर दें…













raja
July 6, 2011 at 5:37 pm
dear sampaadak jee yeh sikayat mainey bhi ki thi aap se comments ke madhyam se lekin aap ne bahut der se portel per prakashit kari hain .lekin chalo theek baat hain dair aaye durust aaye lekin prashan ne is par koi karvai nahi kari hain aur sahi kahu to sabse pahley chiotfundiyo per sabse pahle aap ke portel per khabar prakashit hui thi. aur iske baad patrika aur star news lagataar abhiyaan chala rahe hain,par aap ko ek baat kahoon ki mujhe sirf is baat ka dar hain ki agar prashashan li is par nispach karvai hui to takrivan 9 edition milakar takrivan 200 patrakaar bahi berojgaar ho jayengey kunki is ke paas sivay chitfund ke alava aamdani ka koi jariya nahi hain.
मदन कुमार तिवारी
July 7, 2011 at 3:41 am
यह सही है कि कार्रवाई होनी चाहिये लेकिन जनहित याचिका में जनता का हित सबसे पहले देखने की जरुरत है । कंपनियों पर कार्रवाई हो और उसे अनुमति देने या उसके गैर कानूनी काम पर निगरानी रखनेवाले पर क्या होगा। नन बैंकिग पर रोक लगाकर सब बहादुर बन गयें न्यायालय से लेकर रिजर्व बैंक तक लेकिन नन बैंकिग के बंद होने से उन कंपनियों में जो पैसा लोगों का जमा था वह तो डुब गया .
dk jain
July 7, 2011 at 1:26 pm
yashwant ji bpn hi nahi rashtriya hindi mail ke gwalior sanskaran ke bipin sing yadav bhi chitfandiye hai aap unke bare me bhi kuch likho bipin sing ne bhi kai logo ka karodo rupya khaya hai wo ab shandar karo me ghumta hai jo ki bhind ka kisan ka beta hai uske pass kuch nahi tha
dk jain patrkar
dkjain
September 19, 2011 at 12:03 pm
aap ke colam me mere naam se jo coment diya gaya hai. vo mere dyara nahi diya gaya hai. kisi –darpok —ne aapna naam nahi dekar mera naam diya hai jo ki galat hai. plz kisi ka coment dene ke pahale conform kar liya karen. dkjain- 9425337483