टूजी घोटाले को लेकर पत्रकार भारत भूषण नौटियाल ने सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में एक याचिका लगा रखी थी. इसमें नौटियाल ने कोर्ट से अपील की थी कि वह वीडियोकॉन संचालित डेटाकॉम, एसटेल, एयरसेल, मैक्सिस जैसी टेलीकाम कंपनीज को भी टूजीस्पेक्ट्रम प्रकरण में आरोपी बनाने के लिए सीबीआई को निर्देश दे. अपनी याचिका में पत्रकार ने आरोप लगाया था कि कुछ टेलीकाम कंपनीज टूजी लाइसेंस पाने के लिये अयोग्य थीं पर उन्हें फायदा पहुंचाने के लिये नियमों को तो़ड़ डाला गया.
इस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने मुंबई के पत्रकार भारत भूषण नौटियाल पर जुर्माना भी ठोंक दिया है. ऐसा याचिका को बेवजह मानते हुए किया. जज ने पत्रकार को आगाह किया कि अगर वह तीन दिन के अंदर निर्धारित जुर्माना नहीं भरते हैं तो उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया जाएगा. विशेष जज ओपी सैनी ने आधारहीन याचिका लगाने के लिए 10 हजार रुपए का जुर्माना पत्रकार पर लगाया है.













मदन कुमार तिवारी
May 26, 2011 at 1:18 pm
्न्यायाधीश महोदय का हुकुम सर आंखो पर, भगवान के अवतार समझते है ये लोग खुद को जबकि इनके आलाकमान यानी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश महोदय कह चुके हैम कि आलोचना होनी चाहिये। एक बार पहले अमिताभ ठाकुर पर भी एक महोदय ने लगाया था जुर्माना । इनको अरुंधती ने जवाब दिया था जब उच्चतम न्यायालय ने कोर्ट की अवमानना का मुकदमा उसके उपर चलाया था नर्मदा डैम का मामला था। अरुंधती ने जुर्माना नही अदा किया और जेल में जाना मंजूर किया । टूजी घोटाला में न्यायपालिका सही दिशा में नही कार्य कर रही है ।
shyam
May 26, 2011 at 3:15 pm
good aisa hi hona chahiye tha