दैनिक भास्कर को पीछे छोड़ कर हिन्दुस्तान देश का दूसरा सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बन गया है। ताजा आकड़ों के अनुसार हिन्दुस्तान की कुल रीडरशिप 3.52 करोड़ हो गई है जो दैनिक भास्कर की कुल रीडरशिप से 12 लाख ज्यादा है। हिन्दुस्तान, देश का इकलौता बड़ा अखबार है जो आईआरएस के पिछले सात चक्र (आर1- 2008 से) में निरंतर आगे बढ़ा है। इस वृद्धि दर से हिन्दुस्तान ने चौथे नंबर से आगे बढ़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।
इस क्रम में उसने क्यू1-2010 में पहले अमर उजाला को और अब क्यू4-2010 में दैनिक भास्कर को पीछे छोड़ा है। पिछले नौ महीने में हिन्दुस्तान ने अपने पाठक आधार में 57.8 लाख पाठक जोड़े हैं और देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला अखबार बना है। सबसे ज्यादा वृद्धि उसे उत्तर प्रदेश से हासिल हुई है जहां हिन्दुस्तान ने पिछले नौ माह में 41 लाख पाठक जोड़े हैं। अपने 1.28 करोड़ कुल पाठकों के साथ हिन्दुस्तान ने उप्र के 30 फीसदी पाठकों को अपने साथ जोड़ लिया है।
हिन्दुस्तान ने पिछले नौ महीने में 6.5 लाख पाठकों में वृद्धि कर बिहार में भी अपनी पकड़ को और मजबूत बनाया है। इस राज्य में हिन्दुस्तान का प्रभावशाली नेतृत्व बरकरार है और इसके पास 83 फीसदी पाठकों की विशाल हिस्सेदारी है। हिन्दुस्तान ने झारखंड में भी एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है और यह राज्य का पहला और इकलौता अखबार बन गया है जिसने 50 लाख से ज्यादा पाठकों की संख्या हासिल की है। इसकी पाठक संख्या 51.8 लाख है जो इसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रभात खबर से 37 फीसदी ज्यादा है।
हिन्दुस्तान ने पिछले नौ माह में 15 लाख से ज्यादा पाठक जोड़ कर अपनी औसत अंक पाठकसंख्या (एआईआर) में भी विशाल वृद्धि दर्ज की है। इससे हिन्दुस्तान एआईआर में पाठक संख्या में वृद्धि के मामले में भी देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला अखबार बन गया है। हिन्दुस्तान की विकास की कहानी किसी राज्य विशेष तक ही सीमित नहीं रही है और यह अपनी मौजूदगी वाले सभी क्षेत्रों में निरंतर तेजी से बढ़ा है।
इस सफलता पर हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर लिमिटेड के सीईओ अमित चोपड़ा ने कहा कि ‘इससे अच्छा और क्या है सकता है, भास्कर तीसरे पायदान पर खिसक आया है और हम तेजी से आगे बढ़ते हुए देश में दूसरा सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बन गए हैं।’ एचटी मीडिया के चीफ मार्केटिंग आफिसर राजन भल्ला ने कहा कि ‘हिन्दुस्तान पिछले सात चक्र से आईआरएस के हर दौर में निरंतर आगे बढ़ रहा है। साभार : हिंदुस्तान












Ajay Shukla, Chandigarh
March 15, 2011 at 7:42 am
शशि शेखर जी को एक और उपलब्धि के लिए बधाइयाँ
ishwar singh
March 15, 2011 at 9:05 am
गोरखपुर में भी हिन्दुस्तान से बड़ी अपेक्षाएं थी, लेकिन प्रतिष्ठा के अनुरुप प्रदर्शन नहीं रहा। बड़ा ब्राण्ड होने और यूनिट के नजरिये से देखा जाए तो पाठकों ने उसे हाथों हाथ तो नहीं लिया, हां पाठकों के लिए एक फायदा जरुर हुआ कि अखबारों का रेट 4 रुपये से गिरकर 2 रुपये हो गया। बहरहाल, शशिशेखर जी के साथ ही उनकी पूरी टीम को नंबर दो बनने के लिए बधाई।
anup awasthi
March 15, 2011 at 10:03 am
bdhai ho…Hindustan
satyadev Yadav
March 15, 2011 at 2:34 pm
Shekhar sir aaj bhi hum naozawaano se adhik daudtey bhagtey hain… Har wakt akhbar k vishtar ki sochtey aur is k liye Mehnat kartey hain… is zoonun k aur bhi parinaam aayenge… padhtey rahiye HINDUSTAN..
hum sab ka akhbar.. Hindustan ki puri Team ko Bahut Bahut badhai…
Sohan Rawat
March 15, 2011 at 5:04 pm
हिंदुस्तान की ऐसी छवि काबिले तारीफ है ये बहुत ही अच्छा समाचार पत्र है. किसी भी
समाचार पत्र को ऊपर उठाने में बढ़िया पत्रकार की आवशकता होती है
हिंदुस्तान समाचार पत्र की टीम को हार्दिक बधाई
Sohan Rawat
March 15, 2011 at 5:05 pm
हिंदुस्तान की ऐसी छवि काबिले तारीफ है ये बहुत ही अच्छा समाचार पत्र है. किसी भी
समाचार पत्र को ऊपर उठाने में बढ़िया पत्रकार की आवशकता होती है
हिंदुस्तान समाचार पत्र की टीम को हार्दिक बधाई
neha
March 15, 2011 at 7:23 pm
hindustan ki iss saflata ke lea shashi shekhar ji ke sath puri woh team badhi ki hakdaar hai jiske idea se yeh mukam mila.jharkhand mai hindustan ko sabse jyada saflata dilanewale state head ashok pandey iss khushi mai hissa late to zyada maaza aata. ashok pandey ke lea aisi saflata koi nayee baat nahi hai amarujala lucknow gavah hai.
ashutosh tripathi
March 16, 2011 at 3:56 am
shashi ji iss saflata ke la app bashia ke hakdaaea hai. jharkhand mai ashok pandey ko bhale hee appane vida kar dya lekin 50 lakh new reader connect kaene ki credit unke naam hee jati hai. hindustan team ko badhia
sanjay kr. singh
July 18, 2011 at 12:47 pm
एक और उपलब्धि के लिए शशि शेखर जी को बधाई। समाचार पत्र को ऊपर उठाने में बढ़िया टीम की आवशकता होती है