बरेली में लांचिंग के बाद नंबर वन का दावा करने वाले हिंदुस्तान अखबार में अंदरखाने एक बडा घोटाला हुआ है. कापियां बुक कर मिशन एडमिशन के नाम पर यहां सभी ब्यूरो कार्यालय में हर रोज एक स्कूल का आधा पेज कवरेज छापा जाता है. इसके लिए संबंधित स्कूल को बच्चों की संख्या के मुताबिक कापियां बुक करानी पड़ती है. खबर ये है कि स्कूलों को कापियां का भुगतान रिटेल रेट पर करना पडता है, जबकि सर्कुलेशन टीम कागजों में कापियों का भुगतान थोक रेट यानी रिटेल से लगभग डेढ़ रुपए कम का दिखाती है.
खबर है कि लगभग तीन महीने से चल रहे इस कवरेज में शाहजहांपुर, लखीमपुर, पीलीभीत और बदायूं जिले से दो लाख के आसपास कापियां बुक हो चुकी हैं यानी हिंदुस्तानियों ने मालिकों को अब तक दो लाख रुपए से ज्यादा का चूना लगा दिया है. बताया जाता है कि इस पूरे खेल में बरेली हिंदुस्तान के बडे़ लोग भी शामिल है. दिल्ली में बैठे मैनेजमेंट को इसकी खबर तक नहीं है. बताया जाता है कि सबसे बड़ा खेल शाहजहांपुर में हुआ. यहां सरकुलेशन का नकली आंकड़ा दिखाकर एक-एक स्कूल से तकरीबन डेढ़ हजार तक कापियां बुक कराई गईं.
पीलीभीत, बदायूं और लखीमपुर में भी यही हुआ. पीलीभीत में जब एक स्कूल को सरकुलेशन टीम ने कच्चा बिल थमाया तो उसने आपत्ति जताई. भुगतान रोकते हुए उसने पक्का बिल लाने की बात कही. साथ ही इसकी शिकायत दिल्ली करने की चेतावनी दी. इस बात की खबर जब बरेली में बैठे मैनेजमेंट को हुई तो रातों-रात भागकर एक बडे़ अफसर पीलीभीत पहुंचे और उन्होंने स्कूल से मान-मनौव्वल किया और किसी तरह मामले को निपटाया. मगर स्कूल प्रबंधक ने यह बात अन्य लोगों को बताई. धीरे-धीरे पूरे शहर में हिंदुस्तान के इस फर्जीवाडे का खुलासा हुआ और अखबार की किरकिरी हुई. अमित चोपडा जी देखिए और जांच करवाइए, वरना हिंदुस्तानी ही हिंदुस्तान को बेच खाएंगे.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.











