दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट रणधीर बॉबी व सीएनईबी के कैमरामेन गुरदास सिंह पर प्राइवेट ठेकेदार अमरजीत सिंह हैप्पी द्वारा गुंडों समेत कातिलाना हमले के विरोध में ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने व उसके दिए सरकारी ठेके रदद करने की मांग करते हुए बठिंडा के पत्रकारों ने बठिंडा प्रैस क्लब की अगुवाई में रोष मार्च निकाला। फायर ब्रिगेड चौक से शुरु हुआ रोष मार्च कोर्ट रोड, बस स्टैंड से होते हुए मिनी सचिवालय डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर पहुंचा।
पत्रकारों के रोष प्रदर्शन व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नाम मांग पत्र सौंपने के बारे में डिप्टी कमिश्नर को पहले ही बता दिया गया था, इसके बावजूद पत्रकारों के मिनी सचिवालय में पहुंचते ही डिप्टी कमिश्नर कमल किशोर यादव वहां से चलते बने। जब डीसी से फोन पर संपर्क किया गया तो डीसी ने कहा कि वह 2 बजे से बाहर हैं, जबकि उनके कार्यालय के कर्मचारियों ने पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि डीसी पांच मिनट पहले ही दफ्तर से गए हैं। इस पर पत्रकारों का गुस्सा फूट पडा और उन्होंने इसे सरकार के इशारे पर ठेकेदार को सरंक्षण देने का आरोप लगाते हुए डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। इसी दौरान एसडीएम संदीप ऋषि भागे-भागे वहां पहुंचे और मेमोरंडम देने को कहा लेकिन पत्रकारों ने इससे इनकार कर दिया तथा वहां से नारेबाजी करते हुए डिप्टी कमिश्नर के आवास के बाहर रोष प्रदर्शन किया।

रोष मार्च निकालते पत्रकार
इसके बाद एक्शन कमेटी व बठिंडा प्रैस क्लब के अध्यक्ष एसपी शर्मा की अगुवाई में प्रशासन के मुकम्मल बायकाट का निर्णय लिया गया। यही नहीं, पत्रकारों ने ऐलान किया कि अगर प्रशासन ने इस शर्मनाक रवैये पर माफी न मांगी व मांग पत्र न लिया तो वह शुक्रवार को अन्ना हजारे के समर्थन में होने वाली अकाली-भाजपा की रैली का भी बहिष्कार करेंगे। इसमें अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की भी हिस्सा लेने की संभावना है। पत्रकारों के साथ प्रशासन के शर्मनाक व्यवहार के खिलाफ बठिंडा में सामाजिक, धार्मिक संगठनों समेत सभी लोगों ने आक्रोश जताते हुए इसे निंदनीय करार दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अब आने वाले दिनों में सरकार की मुसीबतें बढ़ने की संभावना बन गई है क्योंकि बठिंडा में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट के मामले में वीरवार को पूरे पंजाब के विभिन्न जिलों में रोष प्रदर्शन कर डिप्टी कमिश्नरों को मांग पत्र सौंपा जा चुका है।

डीसी के घर के सामने धरना देते पत्रकार
उधर, श्री मुक्तसर साहिब जिले में पत्रकारों ने डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के समक्ष मामला उठाते हुए साफ कहा कि आरोपी ठेकेदार अमरजीत सिंह हैप्पी सरकारी ठेकेदार है तथा वह खुद को सरकार का नजदीकी बताने के साथ यह भी कहता है कि 15 दिन पहले सुखबीर बादल उसके घर आ चुके हैं। इस पर सुखबीर ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, अगर ठेकेदार ने गलती की है तो उसके खिलाफ कानून मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि मौजूदा डिप्टी कमिश्नर कमल किशोर यादव पहले भी बठिंडा में बतौर म्यूनिसिपल कार्पोरेशन कमिश्नर तैनात रह चुके हैं। उस दौरान उन पर लैंड माफियाओं से सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं। अब ताजा मामले में ठेकेदार को सरंक्षण देने का खुलासा होने के बाद इस पर मोहर लग रही है। इसी वजह से पत्रकार समुदाय का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।












raju
August 18, 2011 at 3:36 pm
अगर पत्रकार को अपने संसथान का सरक्षण मिल जाये तो अगर सी एम् भी घोड़े खोल ले तो उसका कुछ नहीं बिगाड सकता अगर स्थानीय स्तर पर उन्हें भाईलोगो का सहयोग मिल जाये तो मीडिया पी एम् से भी पंगा ले सकता है क्यों की पत्रकार ही पत्रकार की काट बताता है सुना ही होगा कुल्हाड़ी मैं लकड़ी का दस्ता न होता तो लकड़ी के काटने का रास्ता न होता मगर यहाँ हालत दुसरे हैं संसथान भी साथ भई लोग भी साथ हैं फाड़ के रख दो सालो की चाहे डी सी हो या पीसी या फिर सरकार कर दो सालो की विज्ञ्पतियो का बहिष्कार चार दिन मैं होश ठिकाने आ जाये गे सालो की नाक रगड़वाकर घिसी करवा देना bhayi लोगो पर एकता बनाकर कर रखना
jagjit singh dhanju
August 18, 2011 at 4:08 pm
मीडिया प़र हमले का पंजाब में यह कोई पहला मामला नहीं है हम सब मीडिया कर्मियों को ऐसे गुंडों के खिलाफ जोर से आवाज उठानी होगी हम इस हमले की परजोर निदा करते है और आप के साथ पूरी तरह खडे है आप इन गुंडों को सजा दिलाने के लिए डटे रहो