मध्यप्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने युवा पत्रकार एवं लेखक संजय द्विवेदी को वांगमय पुरस्कार से सम्मानित किया. भोपाल स्थित हिंदी भवन के सभागार में आयोजित समारोह में संजय को यह पुरस्कार उनकी नई किताब ‘मीडियाः नया दौर- नई चुनौतियां’ के लिए दिया गया. स्व. हजारीलाल जैन की स्मृति में प्रतिवर्ष यह पुरस्कार किसी गैर-साहित्यिक विधा पर लिखी गयी किताब पर दिया जाता है.
संजय द्विवेदी की इस किताब में मीडिया के विविध संदर्भों पर लिखे गए उनके लेख संकलित हैं. यह किताब यश पब्लिकेशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित की गई है. सम्मान समारोह में वितरित पुस्तिका में कहा गया है कि- “वर्ष 2010 में प्रकाशित इस कृति में लेखक के आत्मकथ्य सहित 27 लेख हैं। इन लेखों में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया की दशा व दिशा का आज के बाजारवाद के परिप्रेक्ष्य में विशद् तार्किक विवेचन किया गया है. पुस्तक के लेखक संजय द्विवेदी स्वयं पत्रकारिता को जी रहे हैं, इसलिए पुस्तक के लेखों में विषय की गहराई, सूक्ष्मता और अनुभवपरकता तीनों मौजूद है. पुस्तक मीडिया से जुड़े कई अनदेखे पृष्ठ खोलने में सफल है.”
मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने की. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सांसद रघुनंदन शर्मा थे. कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण समिति के अध्यक्ष रमेश दवे ने किया और आभार प्रदर्शन कैलाश चंद्र पंत ने किया. गौरतलब है कि संजय अनेक प्रमुख समाचार पत्रों के अलावा इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं. उनकी अब तक आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और छह पुरस्कार भी मिल चुके हैं. संप्रति वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष हैं.












पंकज झा
October 12, 2010 at 12:54 am
बहुत-बहुत बधाई आपको…वास्तव में इस पुरस्कार के बाद आपसे उम्मीद और बढ़ गयी है. आपने लोगों की उम्मीदों का पहाड़ खड़ा कर लिया है. उस पहाड़ पर खड़े सीधे चढना होगा आपको…बिना दम फुलाए. लेकिन ये भी है कि सबने अपनी उम्मीद मुफ्त में नहीं लादी है आप पर. बदले में सबने शुभकामना भी तो दिया है. तो परवाज़ करते रहिये लोगों की उम्मीद के आसमान में………मेरी भी बधाई.
nitisha kashya
October 11, 2010 at 7:50 pm
congratulations once again sir. its matter of proud for all of us. you are paving path for us. keep shepherding us.
Sanjeev Sharma
October 11, 2010 at 11:50 pm
Sir Kamyabi ka ek or mile ka pathhar sabeet hua aaj ka din …..yeh samaaan aapko nahin aapki paak saaaf kalam or soch ko mila hai……aapki badulat ek fir hindustani media jagat ka sir FAKR se uncha ho gaya hai ………..
Aapka Priye Anuj
अनिल सौमित्र
October 11, 2010 at 11:52 pm
संजय जी को बधाई और शुभकामनाए ! वे ऎसे ही अकादमिक कार्यो से जुडे रहे. उनका भी भला होगा और समाज का भी. मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति भी धन्यवाद की पात्र है संजय जी और अन्य साहित्य रचनाकारो को सम्मानित और प्रोत्सहित करने के लिये.
mamta
October 12, 2010 at 1:19 am
संजय जी वांगमय पुरूस्कार के लिए बहुत बहुत शुभकामाएं काफी दिनों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अच्छी पुस्तकों की कमी महसूस की जा रही थी , ऐसे समय में आपकी पुस्तक मीडियाः नया दौर- नई चुनौतियां’ के आने से संतोष होता है की आप जैसे लेखक पत्रकार समाज को सिर्फ सूचनाएं ही नहीं देते वरन समाज को अपनी लेखनी द्वारा इक नयी दिशा और द्रष्टि भी देते हैं
आपकी ये पुस्तक पत्रकारिता के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी अन्य लोगों को भी आप से प्रेरित होकर समाज में इस तरह अपना योगदान देना चाहिए ताकि समाज को लाभ मिल सके बधाई
Saurabh Pandey
October 12, 2010 at 2:50 am
Sir Aapko lakh lakh badhai ish uplabhdhi ke liye;)
ajit kumar
October 12, 2010 at 3:26 am
wah guru man gaye. sab jagah jugar bana hi late ho.lage raho. ho sake to u.p. me bhi bhi puraskar pane ka koyee jugar lagao. tabhi to tumhare jile Basti walon ko bhi tumhare prtibha ka pata chale. aameen……..
devashish mishra
October 12, 2010 at 5:39 pm
congratulations sir………
Annie Ankita
October 12, 2010 at 7:36 pm
” मीडिया नया दौर नयी चुनौतियाँ” पुस्तक के लिए सर आपको जो वांगमय पुरस्कार मिला है उसके लिए आपको बहुत- बहुत बधाई सर.
Pankaj Saw
October 14, 2010 at 4:48 am
Sanjay ji Matribhasha ke prati nistha ke liye saduwad.
ganesh joshi, haldwani
October 15, 2010 at 4:36 pm
namskar bhaisab……….badhai ho……………….
ganesh joshi, haldwani
October 15, 2010 at 4:37 pm
संजय जी वांगमय पुरूस्कार के लिए बहुत बहुत शुभकामाएं
Maruf Alom.
October 17, 2010 at 6:17 am
congt Mr. Sanjoy..its maruf from Assam.. I came to know about you through my friend Hemant….also went through your article published in the magazine. hope very soon we will meet. go ahed our best wishes are always with you….gr8
regards