: अमर उजाला के फोटोग्राफ़र रमेश चौहान के कान के पर्दे फटे : प्रशासन की चुप्पी से पत्रकार जगत में रोष व्याप्त : 2 फरवरी को जनपद के सभी पत्रकार निकलेगे मौन जुलूस : मुज़फ्फरनगर में वकीलों की मार का दंश झेल रहे अमर उजाला के रमेश चौहान और हिंदुस्तान के कैमरामैन मनीष चौहान की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है. डॉक्टरो ने जाँच के दौरान रमेश चौहान के दोनों कानों के पर्दों को फटा बताया है.
इस मामले में जनपद भर के पत्रकारों सहित कई सामाजिक और व्यापारिक संघटन एकजुट हो गये हैं. इन लोगों ने कार्यवाही न होने की स्तिथि में आगामी 2 फरवरी को मौन जुलूस और जिलाधिकारी
कार्यालय पर जबदस्त धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है. इस मामले को लेकर रविवार को नगर के महावीर चौक के पास एक स्कूल में विभिन दैनिक समाचार पत्रों के प्रभारियो और पत्रकारों की बैठक हुई. इसमें निर्णय लिया गया कि अगर पुलिस इस मामले में दो दिन के अंदर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी वकीलों को जेल नही भेजती है तो 2 फरवरी को जनपद भर के पत्रकर टाउनहाल में इकट्ठा होंगे, जहां से मौन जुलूस निकालते हुए पत्रकारों का हुजूम डीएम ऑफिस पर जायेगा. वहां पर जबरदस्त धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. इस जुलुस में विभिन सामाजिक, राजनेतिक और व्यापारिक संघटन एवं दल भी भाग लेंगे. साथ ही आरोपी वकीलों की प्रेस कौंसिल ऑफ
इंडिया, बार संघ आदि में भी शिकायत की जाएगी.
वहीं दूसरी और डॉक्टरो ने बताया कि घायल रमेश चौहान के दोनों कानो के पर्दों में छेद हो गया है. उनका उपचार किया जा रहा है. अगर दवाइयों से ठीक नहीं हुए तो आपरेशन किया जायेगा. मनीष चौहान की हालत में भी कोई सुधार नहीं हुआ है. इतना सब कुछ होने के बावजूद जिला और पुलिस प्रशासन अभी मौन है. बैठक में मुख्य रूप से अमर उजाला प्रभारी ब्रजेश चौहान, जागरण प्रभारी नीरज गुप्ता, हिंदुस्तान प्रभारी नीरज गुप्ता, पश्चिम सन्देश सम्पादक रविंदर चौधरी, मुज़फ्फरनगर बुलेटिन के प्रभारी अंकुर दुआ, शाह टाइम्स प्रभारी गुलफाम अहमद, टाइम्स ऑफ इंडिया प्रभारी वशिष्ठ भारद्वाज सहित अरविन्द भारद्वाज, राकेश शर्मा, अमित सैनी, अमित पुंडीर, सर्वेन्दर पुंडीर, नासिर खान, संजय झा सहित सैकड़ों पत्रकारों ने भाग लिया.
मुजफ्फरनगर से अमित सैनी की रिपोर्ट












madan kumar tiwary
January 30, 2011 at 1:15 pm
वकील होने के नाते एक सलाह देना चाहता हूं । बार काउंसिल ओफ़ इंडिया तथा स्टेट बार एसोशिएशन को लिखित शिकायत दर्ज करें , यह सत्य है की वकालत में लिख लोढा पढ पत्थर वाले भर गये हैं । काले कोट का नाजायज फ़ायदा उठाते हैं , इनकी हरकतों से हमारे जैसे लोग शर्मिंदगी महसुस करते हैं , फ़िर भी बार काउंसिल और एसोशिएशन कारवाई करते हैं। एक बार लिख कर देखें ।
madan kumar tiwary
January 31, 2011 at 5:24 am
फ़ैज़ान भाई , गलत के खिलाफ़ लडाई अपने घर से हीं शुरु होती है । मैं वकील हूं , इसका मतलब यह नही की अपने समाज की बुराई से आंख मुंद लूं और दुसरे की बुराई पर टिप्पणी करुं। आपका आत्म बल तभी कायम रहेगा जब खुद की गलती और बुराई को स्विकार करें ।
faizan musanna
January 30, 2011 at 4:11 pm
Thank god you are still humenbeing dispite your powerfull advocate
GULFAM
February 1, 2011 at 10:58 am
bhai yah to loktantar k lya sharmnaak hai…..