: फतेहपुर के ब्यूरोचीफ का होगा तबादला : हिंदुस्तान के उच्च प्रबंधन का पूरा ध्यान कानपुर यूनिट को सुधारने पर लगा हुआ है. पिछले कुछ दिनों में दिल्ली और लखनऊ के वरिष्ठ लोग कानपुर का दौरा करके रौंद डाले हैं. खबर है कि अभी हिंदुस्तान के सीईओ अमित चोपड़ा और प्रधान संपादक शशि शेखर, लखनऊ के संपादक नवीन जोशी कानपुर में कैम्प किए हुए हैं. हालांकि बहाना हिंदुस्तान यूनिट के पांचवीं सालगिरह का है.
वरिष्ठों के कैम्प करने से कानपुर में सन्नाटा पसरा हुआ है. सभी को ताकीद कर दी गई है कि प्रधान संपादक या सीईओ के सामने अपनी जुबान नहीं खोलनी है. आर्थिक स्तर पर कानपुर यूनिट की प्रगति संतोषजनक नहीं है, इसीलिए मैनेजमेंट के वरिष्ठ लोग यहां कैम्प किए हुए हैं. पिछले दिनों इस यूनिट से जुड़े लोगों को 15 अगस्त पर विज्ञापन जुटाने के लिए कूपन दिए गए थे तथा कहा गया था कि कूपन पहले कटने चाहिए खबरें बाद में देखी जाएंगी. दूसरे शहरों में काम करने वाले लोगों को अपने परिवार को भी साथ रखने की हिदायत दी गई थी ताकि वे मन लगाकर अखबार का काम कर सकें.
सूत्रों का कहना है कि कम स्टाफ और पुराने लोगों के साथ सही व्यवहार न होने के चलते कई लोग हिंदुस्तान, कानपुर छोड़ने की फिराक में हैं. खबरहै कि फतेहपुर में ब्यूरोचीफ के रूप में कार्यरत राकेश तिवारी को महोबा भेजे जाने की तैयारी की जा रही है. राकेश पिछले एक दशक से ज्यादा समय से हिंदुस्तान से जुड़े हुए हैं. खबर है कि उन्हें अब तक स्टाफर नहीं बनाया गया है. वहीं उनकी जगह अमर उजाला से कुछ समय पहले आए हरि मिश्रा को ब्यूरोचीफ बनाए जाने की तैयारी की जा रही है. हरि को स्टाफर बना दिया गया है. हरि के अमर उजाला के प्रभारी ब्यूरोचीफ रहने के दौरान तमाम तरह के आरोप भी लग चुके हैं.
बहरहाल, जिस तरह से दूसरे अखबारों खास कर अमर उजाला से आए लोगों को तरजीह दी जा रही है, उससे हिंदुस्तान के साथ वफादारी करने वाले पुराने लोग काफी आहत हैं. गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में हिंदुस्तान के दर्जनों पुराने लोग दूसरे संस्थानों से जुड़ गए. हालांकि जिस रफ्तार से पत्रकार कानपुर यूनिट से गए उसकी तुलना में यहां जुड़ने वालों की संख्या काफी कम रही, जिसके चलते यहां के लोगों पर काम का दबाव काफी है. सूत्रों का कहना है कि जिस तरह प्रबंधन खबरों से ज्यादा विज्ञापन और प्रसार में पत्रकारों को लगा रहा है उसके चलते कई लोग दूसरे संस्थानों में ठौर तलाश रहे हैं.
इसके पहले अमित चोपड़ा एवं शशि शेखर ने पांचवीं साल गिरह के अवसर पर मशीनों का उद्घाटन भी किया. सूत्रों ने बताया कि ये मशीनें कोलकाता यूनिट बंद होने के बाद वहां से मंगाई गई हैं. कानपुर की क्षमता बढ़ाने के लिए कोलकाता की मशीनों को यहां लगवाया गया है. खबर है कि हिंदुस्तान के वरिष्ठों ने पांचवीं वर्ष गांठ के बहाने यहां काम करने वाले कर्मचारियों को कुछ नसीहतें भी दीं. इस दौरान कानपुर यूनिट में काफी धूम धाम रहा. स्थानीय संपादक विशेश्वर कुमार तथा जीएम नरेश कुमार समेत तमाम हिंदुस्तानी मौजूद रहे.











