देहरादून : किन्हीं दो हिंदी दैनिक समाचार पत्रों के नाम बताइए, दिल्ली से प्रकाशित होने वाले किसी अंग्रेजी दैनिक का नाम बताइए, ब्रेकिंग न्यूज का क्या आशय है, विज्ञापन की भाषा की मुख्य विशेषता बताइए, किन्हीं दो जन-संचार माध्यमों का नामोल्लेख कीजिए, समाचार पत्र-लोकतंत्र का प्रहरी अथवा समाचार-पत्रों का विद्रूप विषय पर लगभग 150 शब्दों का आलेख तैयार कीजिए.. यह कोई पत्रकारिता की विशेष पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स से पूछे जाने वाले सवाल नहीं हैं, बल्कि यह सवाल स्टेट बोर्ड में 12वीं के स्टूडेंट्स से पूछे जाएंगे.
पेपर 12वीं का, सवाल मीडिया के : स्टेट बोर्ड ने पेपर्स में हल्कापन लाने के लिए कई अलग तरह के सवालों को तरजीह दी है. बोर्ड ने 12वीं के हिंदी के पेपर में पत्रकारिता से जुड़े ऐसे तमाम सवालों के लिए जगह रखी है, जिनके जवाब रोजाना न्यूज पेपर पढ़ने वाला स्टूडेंट ज्यादा बेहतर दे सकता है. हालांकि यह केवल संक्षिप्त जानकारी के तौर पर पूछे जाएंगे, लेकिन पत्रकारिता से जुड़े ऐसे सवालों के लिए स्टूडेंट्स को ज्यादा मेहनत करनी होगी. हिंदी के टीचर आरके मिश्रा ने बताया कि बोर्ड ने लास्ट ईयर से यह नया ऑप्शन चुना था, जिसके बाद इसका काफी अच्छा रिस्पांस भी देखने को मिला है.
नंबर पाना है तो पढ़ो पत्रकारिता : हिंदी के पेपर में इस प्रकार का बदलाव से अब साफ है कि ज्यादा मार्क्स पाने के लिए अब स्टूडेंट्स को मीडिया की हर बारीक खबर से रूबरू होना होगा. मुश्किल बात यह है कि इसके लिए खासतौर से कोई बुक भी तैयार नहीं कराई गई है. केवल हिंदी में ही दी गई मामूली जानकारी के आधार पर या फिर खुद की नॉलेज के बेस पर ही मार्क्स बेहतर बन सकते हैं. डीईओ गीता नौटियाल ने बताया कि सब्जेक्ट से इतर इस प्रकार के प्रश्नों से स्टूडेंट्स का मन पढ़ाई में ज्यादा लगता है और वह अपनी जनरल नॉलेज के दम पर ज्यादा बेहतर मार्क्स अचीव कर सकता है. साभार : आईनेक्स्ट











