बीबीसी से समीरात्मज मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. वे यहां पर प्रोड्यूसर थे. वे अपनी नई पारी न्यूज एक्सप्रेस के साथ शुरू करने जा रहे हैं. उन्हें सीनियर प्रोड्यूसर बनाया जा रहा है. समीरात्मज ने अपने करियर की शुरुआत 2002 में दैनिक नवज्योति से की थी. ऑल इंडिया रेडियो तथा हरिभूमि को भी अपनी सेवाएं दीं. इसके बाद बीबीसी से जुड़ गए थे. समीरात्मज ने निबंध मंजूषा नामक किताब का लेखन भी किया है. वे केंद्रीय राजमार्ग मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं.
पी7 न्यूज, लखनऊ से उमाशंकर दुबे ने इस्तीफा दे दिया है. वे नोटिस पीरियड पर चल रहे हैं. वे यहां पर रिपोर्टर थे. वे अपनी नई पारी आकाशवाणी, लखनऊ से समाचार संपादक के रूप में कर रहे हैं. उमाशंकर ने अपने करियर की शुरुआत 1999 जैन टीवी से की थी. उसके आंखों देखी और दूरदर्शन को अपनी सेवाएं दी. इसके बाद पी7 से जुड़ गए थे.












amitesh
March 27, 2011 at 5:04 pm
umashankar bhiya aap ko dher sari shubkamna naye pari aur jimeedari ke liye hum logo ko aap par garv hai best of luck
amitesh srivastva
lucknow
nadeem khan
March 28, 2011 at 9:36 am
बीबीसी में पिछले कुछ दिनोमें से सबसे बड़ा इस्तीफ़ा आया है. आशुतोष चतुर्वेदी जो पिछले आठ वर्षों से बीबीसी से जुड़े हुए थे उन्होंने संस्था छोड़ दी है. पहली अप्रैल से आशुतोष राष्ट्रीय सहारा में बतौर मुख्य संपादक अपना कार्यभार संभालेंगे. वैसे आशुतोष के पास दो और ऑफर लेटर हैं. एक अमर उजाला से और दूसरा दैनिक हिंदुस्तान से. आशुतोष सलमा जैदी के करीबी लोगों में से एक थे और उन्हें ये बिलकुल पसंद नहीं आया कि सलमा को बीबीसी ने चलता कर दिया. सलमा ने ही आशुतोष को अमर उजाला से बीबीसी बुलाया था करीब सात साल पहले.
दूसरी खबर ये है कि रेनू अगाल ने भी बीबीसी से वीआरएस के लिए मंज़ूरी ले ली है. रेनू अगाल पिछले दस वर्षों से बीबीसी में थीं और अब जब मोटी रकम मिल रही है तो वे भी संस्था छोड़ कर जा रही हैं. रेनू अगाल को हिन्दुस्तान टाइम्स से एक बराबर का ऑफ़र मिल चुका है. वैस भी अमित बरुआ ने रेनू से कह रखा था कि वे उनके मुकाबले राजेश जोशी को बीबीसी में रखना ज्यादा पसंद करेंगे इसलिए रेनू ने फैसला आनन् फानन में ही लिया है. क्योंकि राजेश जोशी और अमित बरुआ की दोस्ती पुरानी है और दोनों इंडियन एक्सप्रेस में साथ साथ काम भी कर चुके हैं. बात समीर आत्मज मिश्र की तो समीर बीबीसी में बतौर फ्रीलांसर ही काम कर रहे थे उनके पास कोई कांट्रेक्ट नहीं था.