सहारा समय में व्यापक पैमाने पर फेरबदल किया गया है. आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को इधर से उधर कर दिया गया है. यूपी ब्यूरोचीफ योगेश दुबे लखनऊ से नोएडा हेड ऑफिस बुला लिया गया है. उनकी जगह अभी किसी का नाम यूपी ब्यूरोचीफ के लिए फाइनल नहीं किया गया है. सीनियर रिपोर्टर रजत सिन्हा को लखनऊ से कानपुर भेजा जा रहा है.
राजीव तिवारी जो पहले सहारा समय, लखनऊ में रिपोर्टर थे, उन्हें अब लखनऊ में ही राष्ट्रीय सहारा में भेज दिया गया है. राजेश गुप्ता का तबादला बनारस से बैंगलोर के लिए कर दिया गया है. संजय राजन का ट्रांसफर बरेली के लिए कर दिया गया है. उन्हें ब्यूरोचीफ बनाया गया है. कैमरा विभाग से जुड़े टेक्निकल स्टाफ अब्बास का ट्रांसफर बैंगलोर के लिए कर दिया गया है. इन लोगों के अतिरिक्त भी कुछ और लोगों का तबादला किये जाने की बात बताई जा रही है.
गौरतलब है कि इसके पूर्व सहारा समय एनसीआर के हेड राव वीरेंद्र सिंह का तबादला भी बैंगलोर के लिए कर दिया गया था. जिससे नाराज राव वीरेंद्र ने सहारा समय को अलविदा कह दिया.












kumar singh
January 15, 2011 at 4:25 pm
यशवंत जी,यह बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण हैं कि सहारा में पत्राकारों को चुन-चुन कर परेशान किया जा रहा हैं,और इससे भी बड़ा दुर्भाग्य ये हैं कि सहारा श्री जो खुद को इस परिवार का अभिभावक मानते है। वह भी आंखें बंद कर पूरा तमाशा देख रहे है।
सहारा में राव जी को ही नहीं बल्कि कही ऐसे पत्राकारों का हटाया गया और हटाया जा रहा है। जिनका पत्रकारिता में नाम है,इससे पीछे की वजय भी हैं,की सहारा में आज जो टीम काम कर रही है…मांफ करें..यह टीम बहुत ही जाहिल किस्म की हैं…मुझे लगता है..इसी टीम के साथ कोई पढ़-लिखा व्यक्ति तो ख़ास तौर पर एक बड़ा पत्रकार तो काम नहीं कर सकता है…इसलिए यह टीम ऐसे लोगों को बड़े पदों पर बैठा रही है…जो इस टीम के कहने पर काम करें…सहारा में काम रहे अनुभवी लोगों को गालियां दें…जिसका उदाहरण तो सब देख रहे है…।
पिछले दिनों सहारा के यूपी चैनल में राजेश कोशिको..चैनल का हैड बनाया गया..इनके बारे में सहारा में इन दिनों खुब चर्चाएं हो रही है…कहा जा रहा हैं कि जिस व्यक्ति को स्टाफ के साथ बात करने की तमीज ही नहीं है..जो पत्रकारिता के नाम पर खुद को दबंग की परिभाषा देता हो…वह व्यक्ति कैसे किसी चैनल हैड हो सकाता है..लेकिन क्या करें यह तो सहारा के लोगों को दुर्भाग्य हैं कि उन्हें ऐसे लोगों के साथ काम करना पढ़ रहा है। लेकिन हमें यह भुलना नहीं चाहिए की..दबंग को जबाब देने वाला और उसे उसकी औकात दिखाने वाला भी एक न एक दिन पैदा अवश्य होगा…जय सहारा
anupama
December 14, 2010 at 9:59 am
bad time of Sahara india TV network is start now……
anupama
December 14, 2010 at 10:02 am
i know to rao ji personaly & he is very honest with his work.
anurag.patrakar
December 14, 2010 at 10:21 am
ye kaam pahale ho jana chahia tha chalo der aaye par durusta aaye:)
parth sarathi sural
December 14, 2010 at 10:07 am
afsos ki rao ji jaise aadmi ka bhi durbhagya hota hai
anurag.patrakar
December 14, 2010 at 10:26 am
sahara me abhi zile estar par bhi tabadale hona baaki hai kyoki kanpur ke aaspaas ke zilo me gangi abhi baaki hai lekin yah kaam thik hua ….
anurag.patrakar
December 14, 2010 at 10:39 am
yah kaam rastriya sahara me bhi hona bhi zaroori hai kyo ki unnao,hardoi, fatehpur barabanki aadi zilo ke zila reporter apni kabliyat parnahi balki carporetoro $ netaayo ki patte chaat kar bane hai calo saharasamay ke chatoro koto kinaare lagaya gaya…..
Abhinav
December 14, 2010 at 1:59 pm
Sahara is a damn funny company. They are now known more for making news than reporting news
Santosh
December 15, 2010 at 6:46 pm
GORAKHPUR KE BUREAU CHIEF SHAKTI PRAKASH SRIVASTAV KO KYU NAHI CHHEDE UPENDRA JI. OP RAI KA KHAAS HAI ISLIYE?
naureen fatima
December 15, 2010 at 3:15 pm
jab nuakri se kisi ko nikalna ho to mainagment aksar meerut wale ko banglore tranfer kar deta hai…achi jugad hai managment k paas..
bharat
December 16, 2010 at 9:36 am
सहारा समय पतन की और जा रहा है…….कोई है ….जो इसे गर्त मे जाने से रोक सके…… नही ……..माननीय सहारा श्री भी नही……….. उपेद्रंराय,
विजयप्रताप राय अभी दुधारु गाय जो हैं
bharat
December 16, 2010 at 9:40 am
i know to rao ji personaly & he is very honest with his work.
पिछले ८ –९ साल से सहारा समय उत्तर प्रदेश के हैड रहे और चैनल भी उनके कार्यकाल मे हमेशा ऊपर रहा ……कभी किसी की नौकरी नही खाई …..बल्कि लोगो की मदद ही की ….:)
Ranjeet
December 18, 2010 at 7:29 am
Sach kah rahe hai santosh ji jab stringer ka commision khane wale shakti ka kartbya councle kuchh nahi bigad paya to upendra ji kis khet ki muli hain
patrakar
December 18, 2010 at 8:42 am
kewal manoj manu hi sahara ko jeevan dan de sakate hain. unhe poori kaman de di jaye to sahara men kranti ho sakati hai.