सहारा मीडिया में स्ट्रेटजी, प्लानिंग और आपरेशन हेड के पद पर ज्वाइन करने वाले राकेश शुक्ला को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. सहारा में मौजूद लाबियां अपने अपने तरीके से इस खबर को प्रजेंट कर रही हैं, जिसके चलते बाहर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं. कुछ लोगों का कहना है कि सात दिन में ही उनकी नौकरी चली गई, तो दूसरी तरफ अभी उनकी नियुक्ति न होने की बात कही जा रही है.
एक सप्ताह पहले ही सहारा मीडिया से जुड़ने वाले वरिष्ठ पत्रकार राकेश शुक्ल अंदरखाने चल रही राजनीतिक उठापटक में फंस गए हैं. एक ग्रुप का कहना है कि राकेश शुक्ला की नौकरी चली गई है. इसके लिए कारण बताया जा रहा है सहारा के उस कल्चर को, जिसमें सहारा अपने यहां से जाने वाले को दुबारा नौकरी पर नहीं रखता है. इस लॉबी का कहना है कि राकेश शुक्ला इसके पहले भी सहारा में रह चुके हैं, लिहाजा उन्हें प्रबंधन ने हटा दिया है.
इस संदर्भ में जब स्वतंत्र मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि राकेश शुक्ला बातचीत के लिए बुलाए गए थे. सहारा का कल्चर है कि किसी को वरिष्ठ पद पर रखने से पहले लोगों से मिलवाया जाता है. इसके बाद ही नियुक्ति करने या न करने का फैसला होता है. राकेश शुक्ला की नियुक्ति पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है. वहीं राकेश शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने अभी भी सहारा के साथ जुड़े होने की बात कही. इससे ज्यादा कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.
सूत्रों का कहना है कि सहारा में चल रहे इस पूरे उठापटक के पीछे घपलों-घोटालों का खेल है. पिछले वित्तीय वर्ष में काफी गोलमाल हुआ है तथा खुला खेल फर्रूखाबदी चला है. एचीवमेंट भी टारगेट से काफी कम रहा है. टारगेट का केवल साढ़े बाइस प्रतिशत एचीवमेंट रहा है. बताया जा रहा है कि सारे उठापटक की जड़ सहारा की अर्थव्यवस्था में ही छिपी हुई है. यह खेल बाहर ना आने पाए इसी को लेकर सहारा में सक्रिय ग्रुप एक दूसरे को निपटाने में जुटे हुए हैं.












viplava.delhi
July 22, 2011 at 7:50 am
Bahut kam log jante hai Rakesh Shukla Bhumihar hai. Pata kar lijiye. Yehi suchha hai.
Amrendra
July 22, 2011 at 7:57 am
Aur Bhumihar bhi(yashwant tum bhi bhumihar ho kya)to wo upendra rai ke liye kaam karenge anubhav ke saath
arbind thakur
July 20, 2011 at 9:52 am
rakesh shukla tv journalism ke anubhawi aur suljhe hue patrkar hain. inki seva ka labh sahara le kar fayde me hi rahega.