मामला बीते साल अप्रैल माह का है. पटना के वरीय पुलिस पदाधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2010 को किसी ने हिंदुस्तान के संपादक को उनके मोबाइल नम्बर 9431015041 पर लगातार दो दिनों तक धमकी दी. तथा धमकी भरे कई मैसेज भेजे. तब संपादक के आदेश पर हिंदुस्तान में कार्यरत तथा तत्कालीन सीनियर रिपोर्टर विनायक विजेता ने पटना के कोतवाली थाने में एफआईआर संख्या 117/10 में मामला दर्ज कराया था. कोतवाली पुलिस ने तत्परतापूर्वक कार्रवाई करते हुए इस मामले में सुरेश गोप नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जो पिछले डेढ़ वर्षों से जेल में है.
इस मामले का ट्रायल भी बीते कई माह से शुरू है. पर कई सूचना के बावजूद न तो अकु श्रीवास्तव और न ही विनायक विजेता सहित कोई गवाह अदालत में हाजिर हुआ. निचली अदालत द्वारा आरोपित की जमानत याचिका खारिज होने पर उसने हाईकोर्ट की शरण ली तब हाई कोर्ट ने निचली अदालत को इस मामले को जल्द सलटाने का आदेश दिया. उच्च न्यायालय ने पटना के एसएसपी को यह भी आदेश दिया कि वह तमाम गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत करे. उच्च न्यायालय के आदेश के बाद निचली अदालत ने हिंदुस्तान के संपादक अकु श्रीवास्तव सहित अन्य तीन पत्रकारों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है.











