बरेली, हिन्दुस्तान से खबर है कि यहां तैनात कई रिपोर्टर और सब एडिटर सम्भवत: अप्रैल में होने वाले इन्क्रीमेंट और प्रमोशन के इंतजार में बैठे हैं। अंदर की खबर है कि इन लोगों को यदि काम के हिसाब से इन्क्रीमेंट और प्रमोशन नहीं मिला तो मई में तमाम लोग हिन्दुस्तान को अलविदा कह देंगे।
गौरतलब है कि पिछले साल मैनेजमेंट ने सभी लोगों के अप्रेजल फॉर्म भरवाये थे, लेकिन इन्क्रीमेंट और प्रमोशन उन लोगों के ही हुए जो बरेली में बैठे वरिष्ठों के नजदीक थे। या यूं कहें कि हर समय वरिष्ठों की जी हुजूरी में ही व्यस्त रहते थे। इस दौरान कई ऐसे रिपोर्टर और सब एडिटर सीनियर रिपोर्टर और सीनियर सब एडीटर बना दिये गये, जिन्हें काम के नाम पर ढेला भी नहीं आता है। इन लोगों की सेलरी में भी अच्छी खासी बढोत्तरी कर दी गई। ब्यूरो कार्यालयों पर भी वरिष्ठों ने अपने चम्मचेनुमा लोगों को बैठा दिया ताकि वहां से उगाही कर वे लोग ऊपर पहुंचाते रहें। ऐसे में तमाम लोग जो अच्छा काम करने वाले थे वह मन मसोस कर रह गए।
सूत्र बताते हैं कि ये लोग पिछले साल से ही दूसरी जगहों पर अपनी गोटियां फिट करने में लग गए थे और कई ने कर भी ली है, लेकिन वे हिन्दुस्तान में इस साल होने वाले इन्क्रीमेंट और प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। यदि इस साल सही लोगों का इन्क्रीमेंट और प्रमोशन नहीं होता है तो हिन्दुस्तान के पास सही काम करने वालों की कमी हो जाएगी। अब जब कि हिन्दुस्तान जल्द ही मुरादाबाद यूनिट लांच करने की सोच रहा है तो निश्चित ही उसके सामने अच्छे लोगों की कमी पूरा करना मुश्किल होगा।
बरेली से एक हिंदुस्तानी का पत्र.












mohan singh
March 28, 2011 at 7:52 am
:):):):):)हिंदुस्तान बरेली में पिछली साल केवल चमचो का ही प्रमोशन हुआ था. इन चमचो की तनख्वा दो से तीन हजार तक बड़ा दी गयी लेकिन जो लोग काम करने वाले थे उनका न तो प्रमोशन हुआ और न ही तन्खवा बड़ी. सम्पादक ने अपने चहेतों के प्रमोशन करवा दिए. सही है जिसको जहा जगह मिले वह वहा चला जाए. रही बात मुरादाबाद की तो वहा तो हिंदुस्तान को स्टाफ पूरा करना तक मुश्किल हो जाएगा. मार्केट में भी हिंदुस्तान की रेपुटेशन कुछ अच्छी नहीं है. अमर उजाला और देनिक जागरण से भी लोग यहाँ आना नहीं चाहते.>:(>:(>:(>:(>:(>:(
ek patrakaar
March 28, 2011 at 7:56 am
!!!!!!!!!!!!!!!!!!!आशीष जी और सौरभ जी आप लोग भी मुरादाबाद और रामपुर से निकल लो क्योकि आप की भी सेलरी नहीं बदने वाली . या फिर चमचो की जमात में शामिल हो जाओ /बरेली में भी डेस्क पर तमाम बन्दे है जो इस साल हिंदुस्तान को लात मार देंगे …………………………
naarad muni
March 28, 2011 at 7:58 am
sahi likha hai bhai. lekin apna naam to bata dete!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
vinod
March 29, 2011 at 3:11 am
ye hi haal Kumaun ke bureau office haldwani ka hai. aajkal kuch reporter kumaun ke buro chef k aage piche makhi ki tarah bhin-bhina rahe hai
Pradeep Mishra1
March 31, 2011 at 10:26 am
agar inkriment nahi hoa to repoter to repoter kai aoor log bhe hindustan chor sakat ha,