भागलपुर में हिंदुस्तान के अवैध प्रकाशन को लेकर लगाए गए आरोप तथा उस पर कार्रवाई के संबंध में अधिवक्ता कृष्णा प्रसाद द्वारा दिए गए आवेदन पर कार्रवाई करने से जिलाधिकारी ने पल्ला झाड़ लिया है. भागलपुर के अधिवक्ता कृष्णा प्रसाद ने जिलाधिकारी के यहां दिए गए अपने पत्र में आरोप लगाया था कि हिंदुस्तान भागलपुर से गलत एवं फर्जी तरीके से अखबार का प्रकाशन कर रहा है.
अप्रैल 2010 में दिए गए आवेदन में सुनवाई न होने के बाद कृष्णा प्रसाद ने आरटीआई के तहत जिलाधिकारी से जानकारी मांगी. यहां से जानकारी उपलब्ध न होने के बाद उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वे इस संदर्भ में कोई कार्रवाई नहीं कर सकते. जिलाधिकारी की तरफ से कृष्णा प्रसाद को भेजे गए पत्र में जिलाधिकारी ने कहा है कि आप द्वारा उठाई गई आपत्ति की जांच प्रेस पंजीयक कार्यालय के प्रधान सूचना पदाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी की सलाह से किया जाना है, परन्तु अभी तक वहां से अभी तक कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए आगे की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है.
जिलाधिकारी ने अपने पत्र में लिखा है कि किसी भी अवैध प्रकाशन के निगरानी का कार्य प्रेस पंजीयन कार्यालय द्वारा किया जाना है न कि जिलाधिकारी द्वारा. इस संदर्भ में अभी तक किसी प्रकार की सूचना प्रेस पंजीयक कार्यालय की तरफ से न मिलने के चलते हम किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सके हैं.




क्या कहता है प्रेस रजिस्ट्रेशन एक्ट












