: देवरिया में हिन्दुस्तान बुकिंग का मामला : देवरिया में हिन्दुस्तान प्रबंधन की भूल हॉकरों के परेशानी का सबब बनी हुई है. मझधार में फंसे हॉकर अब हैंडबिल और पम्पलेट के सहारे ग्राहकों को समझा रहे हैं. माफी मांग रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने अब कुछ ग्राहकों के बुकिंग के पैसे वापस करना शुरू कर दिया है. इसके बावजूद गोरखपुर से प्रकाशित हिन्दुस्तान, देवरिया एडिशन की पूरी कॉपियां हॉकर अब भी नहीं उठा रहे हैं.
हिन्दुस्तान के गोरखपुर यूनिट लांच होने से पहले अखबार के सर्वेयरों ने बुकिंग के समय पाठकों से 120 रुपये लिए थे. उन्हें साल भर पचास रूपए में अखबार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. कई ईनाम भी देने की बात कही गई थी. अखबार की बुकिंग कराने वाले हॉकरों को भी पच्चीस रुपये कमीशन दिए गए थे. जिसके चलते हॉकरों ने जमकर बुकिंग कराई थी. बाद में प्रबंधन पलट गया और अपनी भूल बताते हुए अखबार के लिए प्रतिमाह नब्बे रूपये वसूलने का निर्देश हॉकरों को दिया. जिसका विरोध करते हुए हॉकर अखबार नहीं उठा रहे थे. वे त्रिशंकु की तरह फंस गए थे.
अखबार की बुकिंग के समय पचास और बाद में नब्बे रूपये की मांग किए जाने से ग्राहक भी नाराज हो गए थे. उन्होंने खुद को ठगे जाने का इल्जाम भी लगाया. जिसके बाद हॉकर हिन्दुस्तान किसी के घर नहीं पहुंचा रहे थे. बाद में प्रबंधन ने जब पैसा वापस मांगने वाले ग्राहकों को रकम वापस करने का आश्वासन दिया तब जाकर वे कुछ अखबारों का उठान कर रहे हैं. हॉकरों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. पैसा वापस करने के लिए बना कार्यालय ज्यादातर समय बंद ही मिल रहा है. हॉकर और ग्राहक दोनों परेशान हैं. नीचे पढि़ए हॉकरों द्वारा छपवाया गया हैंडबिल.












