सहारा इंडिया ने खरीदा फोर्स में 42.5 फीसदी की हिस्‍सेदारी

: दस करोड़ डॉलर का निवेश किया : भारतीय एफवन टीम का नाम ‘सहारा फोर्स इंडिया’ हुआ : सहारा इंडिया परिवार ने विजय माल्या के स्वामित्व वाली फॉर्मूला-वन टीम में 42.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है. फोर्स इंडिया से नाम बदलकर नया नाम सहारा फोर्स इंडिया किया गया.

देश में खेलों के सबसे बड़े प्रमोटर और संरक्षक सहारा इंडिया परिवार ने देश में इंडियन ग्रां प्री फॉर्मूला-1 रेस शुरू होने से मात्र एक पखवाड़े पहले भारत की एकमात्र एफ-1 टीम फोर्स इंडिया फॉर्मूला-1 टीम के साथ बड़ी निवेश भागीदारी की है, जिससे इसका नाम अब ‘सहारा फोर्स इंडिया’ हो गया है.

सहारा इंडिया परिवार अब फॉर्मूला-1 टीम में यूबी ग्रुप के चेयरमैन डा. विजय माल्या के साथ बराबर का साझीदार हो गया है. यहां बुधवार को होटल ग्रैंड में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सहारा इंडिया परिवार के प्रबंध कार्यकर्ता एवं चेयरमैन सहाराश्री सुब्रत राय सहारा तथा डा. विजय माल्या ने टीम का नया लोगो ‘सहारा फोर्स इंडिया एफ-1 टीम’ जारी किया.

सहारा इंडिया परिवार ने 10 करोड़ डालर का निवेश करके 42.5 प्रतिशत इक्विटी शेयर खरीदे हैं और अब टीम में सहारा इंडिया परिवार और विजय माल्या की यूबी ग्रुप के बराबर 42.5-42.5 प्रतिशत शेयर रहेंगे. बाकी 15 प्रतिशत शेयर फ्रांस के मोल परिवार के पास रहेंगे. सहारा परिवार की इस संयुक्त साझेदारी से फोर्स इंडिया एफ-1 टीम को प्रदर्शन में सुधार करने और नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए अग्रणी तकनीक में और निवेश करने का अवसर मिलेगा.

इस अवसर पर सहारा इंडिया परिवार के प्रबंध कार्यकर्ता एवं चेयरमैन सहाराश्री सुब्रत राय सहारा ने कहा, ‘भारत खेलों सहित हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है. लेकिन फॉर्मूला-1 कार रेसिंग का गढ़ पश्चिमी दुनिया ही बनी हुई है. इस रोमांचक खेल का आगमन हम सभी देशवासियों के लिए गर्व की बात है. भारत की इकलौती एफ-1 टीम में सहारा इंडिया परिवार के सह मालिक होने से मैं दोहरा गौरवान्वित हूं. हम एक साथ मिलकर अपने प्यारे देश का गौरव बढ़ाएंगे.’

विजय माल्या ने बताया, ‘सहाराश्री सुब्रत राय सहारा निदेशक बोर्ड के चेयरमैन होंगे जबकि वह पहले की तरह टीम प्रिसिंपल और प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत रहेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘हमने सहारा परिवार से प्रायोजन के लिए संपर्क किया था लेकिन उन्होंने पूरा ढांचा देखने के बाद बराबरी के शेयर खरीदने की इच्छा जताई जिसने भागीदारी का रूप ले लिया.’ उन्होंने इसके साथ साफ किया कि चेसिज और टेक्नीकल स्टाफ में कोई बदलाव नहीं होगा लेकिन उम्मीद जताई कि इस नई भागीदारी से टीम नई ऊंचाईयां छूने में सफल रहेगी.

माल्या ने कहा, ‘हमें अभी इसी सत्र में टॉप पांच में आने की उम्मीद है. एफ-1 में कभी भी कुछ भी हो सकता है. इसमें आप उम्मीद नहीं छोड़ सकते हैं. जहां तक अगले सत्र का सवाल है तो हमारा लक्ष्य शीर्ष पांच में बने रहना है.’ वहीं सहाराश्री ने कहा, ‘हम जितना जल्दी हो सके, शीर्ष पर पहुंचने की कोशिश करेंगे.’ सहाराश्री ने कहा, ‘मुझे इस भागीदारी पर बेहद खुशी है कि मैं भी एक फॉर्मूला-1 टीम का मालिक बन गया हूं. डा. माल्या ने हमें आमंत्रित किया था और हमने यह भागीदारी शुरू की और अब हम इस टीम को फामरूला-1 चैंपियनशिप में शीर्ष पर ले जाने की कोशिश करेंगे.’

भारतीय ड्राइवरों को टीम में रखने के सवाल पर माल्या ने कहा कि मौजूदा भारतीय ड्राइवर बुरे नहीं हैं लेकिन उन्हें जो बेहतर लगा उन्होंने वही किया. विजय माल्या ने कहा, ‘हमने भारतीय ड्राइवरों को खोजने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इसके लिए जो खोज कार्यक्रम चलाया गया उसके विजेता की घोषणा पहली इंडियन ग्रां प्री के बाद की जाएगी. इस चालक को हम वह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे जो लुईस हैमिल्टन जैसे एफ-1 ड्राइवर को मिलती हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं फॉर्मूला-1 टीम शुरू करूंगा लेकिन जब 2008 में मैंने टीम शुरू की तो उस समय मुझे गर्व था. आज जब मैंने सहाराश्री से हाथ मिलाया है तो मुझे बहुत खुशी है कि मैं देश में खेलों को प्रोत्साहन देने वाले सबसे बड़े व्यक्ति के साथ हाथ मिला रहा हूं.’ साभार : सहारा

Comments on “सहारा इंडिया ने खरीदा फोर्स में 42.5 फीसदी की हिस्‍सेदारी

  • SHEYAR KHARIDNEE KE LIYE SAHARA KE PASH PAISE HAIN KAMCHARIYON KE WETAN BADHANE KE LIYE NAHEE HAIN. ISH MAHNGAEE KE SAMAY ME 3000-3000 PAR LOG KAM KAR RAHE HAI. SHYAD ISE HEE BHAWNATMAK PAWAR KAHTEE HAIN

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  • ?2 A.>0 *(>/ says:

    यसवंत जी यह सहारा वाले कहीं पगला तो नहीं गए है न | जैसे अलीगढ में सहारा के दो दो लोगो दिख रहा है , एइसे ही उडिषा के राजधानी भुबनेश्वर में देखने को मिला है | आशा भोसले के प्रोग्राम के दिन सहारा के एक स्ट्रिन्गेर बता रहा था तो दूसरा स्टाफर दोनों में कहा सुनी हुई | यह सब उडिषा के सारे मिडिया वाले देख कर ह्ष रहे थे | मेनेजमेंट है या अंदर की मेनेज है |
    अखिल कुमार पटनायक 😀

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